Jamshedpur: शहर के मानगो डिमना चौक स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल से एक मरीज के रहस्यमय ढंग से लापता होने का गंभीर मामला सामने आया है। घाटशिला के खुटलूडीह निवासी 19 वर्षीय जेवियर खेस चार दिन से अस्पताल से गायब है। बुधवार को जब परिजन और घाटशिला थाना पुलिस उसकी तलाश करते हुए अस्पताल पहुंचे, तब यह मामला उजागर हुआ, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
इमरजेंसी में भर्ती से पहले ही गायब
मिली जानकारी के अनुसार, जेवियर खेस को 19 अक्टूबर को 108 एंबुलेंस के माध्यम से एमजीएम अस्पताल लाया गया था। एंबुलेंसकर्मी ने मरीज का पर्चा तो बनवा दिया, लेकिन बताया जा रहा है कि जेवियर को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चल पाया है। चार दिनों तक परिजन अपने स्तर पर तलाश करते रहे और बुधवार को पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे।
परिजनों ने हर कोने में की तलाश, प्रशासन ने शुरू की जांच
परिजनों ने बुधवार को अस्पताल परिसर के हर हिस्से में जेवियर को ढूंढा, मगर निराशा ही हाथ लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। मरीज के बारे में सुराग पाने के लिए अब सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि वह खुद अस्पताल से बाहर गया या किसी अन्य वार्ड में पहुंचा।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं,सुरक्षा पर चिंता
यह पहली बार नहीं है जब एमजीएम अस्पताल से किसी मरीज के लापता होने का मामला सामने आया है। पहले भी कई मरीज अस्पताल से बिना सूचना दिए गायब हो चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावों के बावजूद इस तरह की घटनाओं का लगातार होना अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों ने दिए सुधार के सुझाव
चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए एक जैसी पहचान योग्य यूनिफॉर्म की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सख्त निगरानी, बेहतर रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन जेवियर खेस की तलाश में जुटे हैं।