Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए संशोधित कैलेंडर जारी करते हुए कई महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा की है. यह कैलेंडर नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की संभावित तिथियां दर्शाता है. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी तिथियां आवश्यकतानुसार बदली जा सकती हैं, इसलिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट [www.jpsc.gov.in] पर अपडेट देखते रहना चाहिए.
जारी शेड्यूल के अनुसार, उप निदेशक, अभियोजन पद के लिए दस्तावेज सत्यापन 27 नवंबर 2025 को होगा, जबकि साक्षात्कार 28 नवंबर 2025 को निर्धारित किया गया है. निदेशक, दुग्ध विकास पद के लिए दस्तावेज सत्यापन 04 दिसंबर 2025 को और साक्षात्कार 05 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा. सहायक लोक अभियोजक (बैकलॉग) पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होगी, जबकि नियमित श्रेणी के लिए प्रारंभिक परीक्षा 20 दिसंबर 2025 को होगी.
6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा 10 और 11 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की मुख्य परीक्षा 22, 23 और 24 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी. सहायक वन संरक्षक पद के लिए मुख्य परीक्षा 06 से 09 फरवरी 2026 तक चलेगी. प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष पदों के लिए लिखित परीक्षा 21 और 22 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है, जबकि होम्योपैथिक डॉक्टर पद के लिए लिखित परीक्षा 05, 06 और 07 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी.
आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे किसी भी संभावित परिवर्तन या नई सूचना के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें. इस कैलेंडर के जारी होने से उम्मीदवारों में स्पष्टता आई है और अब वे अपनी तैयारी को निर्धारित दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं.
JPSC का यह संशोधित परीक्षा कैलेंडर उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया की प्रगति को लेकर अनिश्चितता में थे. तिथियों की घोषणा के साथ अब उम्मीदवारों के पास अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए एक निश्चित समय-सीमा उपलब्ध है. हालांकि आयोग ने तिथियों को अस्थाई बताया है, फिर भी इस कैलेंडर से प्रशासनिक परीक्षाओं की गति तेज होने के संकेत मिलते हैं. चयन प्रक्रियाओं में तेजी आने से राज्य में विभिन्न विभागों की रिक्तियां भरने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. अब अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुशासित तैयारी और धैर्य बनाए रखने की रहेगी.