बाज़ारों में रौनक और रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी
धनतेरस के शुभ अवसर पर बाज़ारों में सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सोना, चांदी, नए बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की दुकानों पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है। यह मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में 13 गुना वृद्धि और स्थायी समृद्धि लाती हैं। व्यापारिक संगठनों का अनुमान है कि इस बार धनतेरस पर रिकॉर्ड-तोड़ खरीदारी होगी, जो आर्थिक सुस्ती के माहौल को दूर करने में सहायक होगी।
देवी लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस पर मुख्य रूप से धन की देवी माँ लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर, और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। श्रद्धालु प्रदोष काल में विधि-विधान से पूजा करके सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। इस दिन "यम दीप" जलाकर अकाल मृत्यु से बचने के लिए यमराज को भी दीपदान किया जाता है।
यम दीप का महत्व
अकाल मृत्यु से सुरक्षा इसका सबसे प्रमुख महत्व परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु (समय से पहले मौत) के भय से बचाना है। यह दीपक मृत्यु के देवता यमराज को समर्पित किया जाता है, ताकि वे प्रसन्न होकर परिवार की रक्षा करें। दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य यह माना जाता है कि यम दीपदान करने से यमराज का आशीर्वाद मिलता है, जिससे परिवार के सदस्यों को लंबी और स्वस्थ आयु प्राप्त होती है। नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति घर के बाहर दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियाँ और अशुभ प्रभाव घर में प्रवेश नहीं कर पाते हैं। नरक के द्वार से बचाव कुछ मान्यताओं के अनुसार, यम दीपदान करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद नरक में जाने से मुक्ति मिलती है।