Jharkhand News: झारखंड में लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सहायक आचार्यों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छह नवंबर को लगभग सात हजार सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. यह नियुक्ति पत्र वितरण समारोह अब सरायकेला में आयोजित किया जाएगा. पहले इसकी तैयारी रांची के हरमू मैदान में की जा रही थी, लेकिन कार्यक्रम स्थल में बदलाव कर अंतिम निर्णय सरायकेला के पक्ष में लिया गया है.
इन सहायक आचार्यों का चयन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया गया है. इसमें स्नातक प्रशिक्षित और इंटर प्रशिक्षित दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थी शामिल हैं. शिक्षा विभाग के अनुसार, लंबे समय से यह प्रक्रिया अटकी हुई थी और अभ्यर्थी लगातार नियुक्ति की तारीख का इंतजार कर रहे थे.
फैक्ट फाइल
- सामाजिक विज्ञान विषय के 2,748 पद इस प्रक्रिया में शामिल थे, जिनका परिणाम सबसे अंत में घोषित हुआ.
- यह पूरी परीक्षा कुल 26,001 पदों के विरुद्ध आयोजित की गई थी, लेकिन अब तक केवल 9,348 अभ्यर्थियों का चयन हो सका है.
- शेष 16,653 पद रिक्त रह गए हैं, जिनमें अधिकतर पद पारा शिक्षक श्रेणी के हैं.
यह नियुक्ति कार्यक्रम सरकार के लिए केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है. चुनावी माहौल में सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपना सीएम हेमंत सोरेन की ओर से रोजगार के मोर्चे पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाने का प्रयास माना जा रहा है. हालांकि, यह भी सच है कि कुल स्वीकृत पदों में अभी भी आधे से अधिक रिक्त हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह नियुक्तियां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त होंगी या यह सिर्फ आंशिक राहत भर है. भर्ती प्रक्रिया में बार-बार हुई देरी और अधूरे पद भविष्य में फिर से असंतोष का कारण बन सकते हैं. शिक्षकों की कमी से जूझ रहा ग्रामीण शिक्षा तंत्र अभी भी पूर्ण समाधान की प्रतीक्षा में है.