AQI की स्थिति चिंताजनक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली-NCR के कई इलाकों में AQI 300 के पार बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। उदाहरण के तौर पर, नोएडा में AQI 318 तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली के आनंद विहार जैसे क्षेत्रों में भी यह स्तर 345 तक दर्ज किया गया है। हरियाणा के कुछ शहरों जैसे फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है और खराब श्रेणी के करीब बनी हुई है।
GRAP-I लागू
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण (Stage-I) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके तहत, खुले में कूड़ा-करकट और बायोमास जलाने पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों पर सख्त निगरानी और पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और स्वास्थ्य जोखिम
विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, उच्च गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग करने और व्यक्तिगत वाहनों के उपयोग को कम करने की सलाह दी है। खराब वायु गुणवत्ता से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों से संबंधित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकारों और आम जनता को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।