यह नया केंद्र मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, और जम्मू के बाद देश में एनएसजी का छठा परिचालन केंद्र होगा। हालाँकि, एक अन्य रिपोर्ट में मौजूदा केंद्रों में जम्मू के स्थान पर अहमदाबाद का भी उल्लेख किया गया है।
अयोध्या केंद्र की सुरक्षात्मक भूमिका
अयोध्या केंद्र को उत्तर प्रदेश में एनएसजी का प्रथम प्रतिक्रिया केंद्र (First Response Center) बनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य अयोध्या और इसके आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाना होगा, विशेष रूप से जनवरी 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद इस स्थान के रणनीतिक महत्व को देखते हुए।
शाह ने बताया कि यह हब 8 एकड़ की ज़मीन पर स्थापित किया जाएगा। यहां विशिष्ट "ब्लैक कैट" कमांडो की तैनाती होगी, जो अत्याधुनिक विशेष हथियारों और ड्रोन-रोधी तकनीक से लैस होंगे।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
गृह मंत्री ने एनएसजी कमांडो के शौर्य और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि जब से एनएसजी की स्थापना हुई है, जवान देश की सुरक्षा में तत्परता से लगे हुए हैं और कई मोर्चों पर सफल रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन अक्षरधाम, मुंबई हमला, और ऑपरेशन सिंदूर में कमांडो की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कहा
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कहा कि इसने यह संदेश दिया है कि आतंकवाद की भारत में अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जहां भी भारत पर हमले की व्यूहरचना की गई, वहां के ट्रेनिंग सेंटरों को भी ध्वस्त कर दिया गया है। इस घोषणा से पूरी दुनिया में यह संदेश गया है कि आतंकवाद को पनाह देने वालों की खैर नहीं है।
तेज होती तैयारी
अयोध्या में नए हब की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। एनएसजी की एक टीम ने जुलाई 2024 में ही चार दिवसीय अभ्यास करके नई सुविधा की तैयारी का जायजा लिया था, और भूमि आवंटन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
यह केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेगा
यह केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेगा, जिससे देश के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर किसी भी आतंकी खतरे की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।