Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा सोमवार को कुछ नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सिंबल (प्रतीक) देने के फैसले को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पलट दिया है। तेजस्वी यादव ने अपने पिता के फैसले के खिलाफ जाते हुए सभी नेताओं से सिंबल वापस ले लिया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव अब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की राह पर निकल पड़े हैं, जिन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) में अपने पिता मुलायम सिंह यादव को दरकिनार करते हुए पार्टी की कमान संभाली थी। मुलायम सिंह को तब पार्टी के संरक्षक की भूमिका में सीमित होना पड़ा था।
RJD में भी अब वही स्थिति बनती दिख रही
RJD में भी अब वही स्थिति बनती दिख रही है, जहां लालू यादव की इच्छा के विपरीत तेजस्वी ने कठोर कदम उठाया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर भी खींचतान चल रही है।
साफ तौर पर यह दर्शाता है कि
सिंबल वापसी का यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि राजद में अब अंतिम निर्णय तेजस्वी यादव का ही माना जा रहा है, और वह पार्टी की नई दिशा तय करने में कोई समझौता नहीं कर रहे हैं। इस घटनाक्रम से राजद के भीतर आंतरिक कलह उजागर हो गई है, जिसका सीधा असर बिहार चुनाव पर पड़ सकता है।