Dhanbad Breaking: धनबाद जिले में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके गुर्गे सैफी उर्फ मेजर द्वारा लगातार व्यवसायियों से रंगदारी और धमकी की शिकायतों के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है. बीते दिनों मिले इनपुट के आधार पर धनबाद पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इन अभियुक्तों में शूटर, सहयोगी और गिरोह की आर्थिक लेनदेन संभालने वाले सदस्य शामिल हैं.
धनबाद पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से व्यवसायियों को धमका कर रंगदारी वसूल रहा था. पुलिस गिरोह के आर्थिक स्रोतों का पता लगाने, नेटवर्क को तोड़ने और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही थी. इसी क्रम में 12 और 13 अक्टूबर की रात सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य फिर से किसी बड़ी वारदात की तैयारी में धनबाद पहुंचे हैं. पुलिस ने तत्काल छापामारी कर इन्हें दबोच लिया. इस संबंध में राजगंज थाना कांड संख्या 87/25 दर्ज किया गया है.
गौरतलब है कि इसी गिरोह ने 9 सितंबर को राजगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर फायरिंग की थी. उस मामले में भी कांड संख्या 82/25 दर्ज है. पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने पेट्रोल पंप फायरिंग में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद करवाया. इसके बाद पुलिस ने बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में छापामारी कर छिपाए गए हथियार, बम और विस्फोटक सामग्री बरामद की. इस मामले में बैंकमोड़ थाना कांड संख्या 263/25 दर्ज हुआ है.
इसी बीच गिरोह के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विक्रम साव, पवन कुमार सिंह और पांच अन्य को कतरास थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. ये लोग रंगदारी से वसूली गई रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करते थे. इस गिरोह के खिलाफ कतरास थाना कांड संख्या 362/25 दर्ज कर आगे की जांच जारी है.
गिरफ्तार आरोपी
सुरज तांडी, आशीष कुमार सिंह, तौकिर राजा, अफरिदी राजा, लक्की विशाल, पवन कुमार सिंह, रितिक विश्वकर्मा, अमन कुमार गुप्ता, विक्रम साव, आकाश वर्णवाल, तौकिल अंसारी और अभिषेक पांडेय उर्फ पप्पू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनमें कई पेशेवर शूटर हैं जो प्रिंस खान के इशारों पर काम करते थे.
बरामद सामान
देशी पिस्टल, देशी कट्टा, तीन जिंदा गोलियां, दो देशी बम, 31,970 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल और सात स्मार्टफोन पुलिस ने जब्त किए हैं. पुलिस का मानना है कि ये गिरोह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था.
धनबाद पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और गिरोह के फरार सदस्यों एवं मुख्य सरगना प्रिंस खान तक पहुंचने के लिए अभियान जारी रहेगा. पुलिस का दावा है कि इस गिरोह की कमर तोड़ दी गई है और अब व्यापारी समुदाय को राहत मिलेगी.
धनबाद में यह छापामारी पुलिस की सख्त नीति का संकेत है, जिसका उद्देश्य संगठित अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना है.