जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच
जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इस घटना को "देश को हिला देने वाली घटना" बताया और कहा कि "निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच नागरिकों का अधिकार है." शीर्ष अदालत ने जांच की निगरानी के लिए एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी करेंगे।
मद्रास हाईकोर्ट को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसमें इस मामले की जांच के लिए केवल तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों वाली एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है.
एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने मद्रास हाईकोर्ट के एसआईटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, यह तर्क देते हुए कि राज्य पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, पार्टी ने रैली स्थल पर उपद्रवियों द्वारा गड़बड़ी फैलाने की पूर्व-नियोजित साजिश की आशंका भी जताई थी।
कोर्ट के आदेश के अनुसार
कोर्ट के आदेश के अनुसार, जस्टिस रस्तोगी की अध्यक्षता वाली समिति सीबीआई जांच की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जांच पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से हो. समिति को सीबीआई जांच की प्रगति रिपोर्ट हर महीने अदालत में जमा करने का निर्देश दिया गया है।