Jamshedpur Crime News: मानगो डिमना रोड स्थित संजय पथ में रविवार की तड़के एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा. अचानक हुई फायरिंग से सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग दहशत में आ गए और घरों में दुबक गए.
घटना सुबह करीब पांच बजे की है. बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार आस्था स्पेस टाउन निवासी टेका चौधरी अपने एक साथी के साथ पहुंचा और शातिर बदमाश व तड़ीपार गुड्डू पांडेय के घर पर ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग कर दी.

फायरिंग से पहले टेका चौधरी ने बाइक से उतरकर गुड्डू पांडेय के घर की कॉल बेल बजाई और गाली-गलौज की. इसके बाद उसने पिस्तौल निकालकर लगातार गोलियां चलाईं. इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरे को भी निशाना बनाया गया.
घटना के समय गुड्डू पांडेय घर पर नहीं था क्योंकि उसे जिला प्रशासन ने तड़ीपार किया हुआ है. गोली की आवाज सुनकर घरवाले बाहर निकले, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे.
जानकारी के अनुसार टेका चौधरी अमरनाथ सिंह हत्या मामले का आरोपी रह चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर है. इस घटना के बाद गुड्डू पांडेय के पिता बिजेन्द्र पांडेय ने उलीडीह थाना में टेका चौधरी और उसके साथी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
लेकिन हैरानी की बात ये रही कि घटना की सूचना मिलने के करीब ढाई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची. सुबह साढ़े सात बजे पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा बरामद किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज में टेका चौधरी को गोली चलाते साफ देखा जा सकता है. वहीं सूत्रों के अनुसार टेका चौधरी के साथ उसका साथी कुंदन सिंह बताया जा रहा है.

फिलहाल पुलिस ने टेका चौधरी के घर पर छापेमारी की है, लेकिन वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
जानकारी के अनुसार गुड्डू पांडेय परमजीत सिंह गिरोह से जुड़ा है और उस पर पहले से ही फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं.
याद दिला दें, इससे पहले 4 अप्रैल 2024 को भी गुड्डू पांडेय के घर पर सिंटू सिंह गिरोह के सदस्यों ने 15 राउंड गोलीबारी की थी. और अब, डेढ़ साल बाद फिर से संजय पथ में गोलियों की आवाज गूंजी है.
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब एक साल पहले विवाद हुआ था, जिसमें गुड्डू पांडेय ने टेका चौधरी की पिटाई की थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह फायरिंग उसी पुराने विवाद का बदला हो सकता है.
बताते चलें कि अखिलेश सिंह के द्वारा परमजीत सिंह की जेल में ही हत्या करवा दी गयी थी, उसके बाद से ही परमजीत सिंह का गिरोह कमजोर पड़ गया था. यहां तक की वरीय पुलिस अधिकारियों की माने तो अखिलेश सिंह के आदेश पर गणेश, अमरनाथ सिंह की हत्या में भागीदार बना.
फिलहाल घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.