आभूषण और तस्करों की पहचान
चांदी के "मछली" आभूषण और तस्करों की पहचान RPF की टीम ने स्टेशन पर गहन जांच के दौरान इन दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। उनके पास से बरामद किए गए चांदी के आभूषण मछली के रूप में थे, जो अक्सर इस तरह के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाते हैं। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान शिवेश ठाकुर और राकेश ठाकुर के रूप में हुई है।
आरोपियों ने खुलासा किया
शिवेश ठाकुर बिहार के बांका जिले के मानिया का निवासी है। राकेश ठाकुर झारखंड के धनबाद के सिंदरी का निवासी है।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे इस बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषणों को मथुरा और मेरठ में बेचने के लिए ले जा रहे थे। यह बताता है कि यह अवैध खेप अंतर-राज्यीय तस्करी का हिस्सा हो सकती है।
आगे की कार्रवाई
आगे की कार्रवाई के लिए वाणिज्य कर विभाग को सुपुर्दगी RPF ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया और जब्त चांदी के आभूषणों के साथ उन्हें आगे की कानूनी और टैक्स संबंधित कार्रवाई के लिए राज्यकर सहायक आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो वाणिज्य कर विभाग, धनबाद को सौंप दिया है।
कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई न केवल अवैध रूप से ले जाए जा रहे माल की धरपकड़ है, बल्कि माल और सेवा कर की चोरी पर भी नकेल कसती है। वाणिज्य कर विभाग अब यह जांच करेगा कि क्या इस व्यापार के लिए वैध बिल और दस्तावेज मौजूद थे या यह पूरी तरह से टैक्स चोरी का मामला है।
सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई
धनबाद रेलवे स्टेशन पर RPF की इस सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए तत्पर हैं। यह मामला अब वाणिज्य कर विभाग के अधीन है, जो विस्तृत जांच के बाद उचित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगा।