हथियार के साथ दो अपराधी पहले हुए गिरफ्तार
मामले की शुरुआत चंद्रपुरा थाना अन्तर्गत न्यू पिपराडीह मिलन चौक के पास हुई, जब पुलिस ने दो कार सवार संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। तलाशी के दौरान, मुकेश कुमार दास के पास से उसकी कमर में खोंसा हुआ एक लोडेड रिवॉल्वर (जिसमें एक चक्र ज़िंदा गोली थी) और दो मोबाइल बरामद हुए। वहीं, उसके साथी शंकर यादव के पास से कमर के पीछे खोंसा हुआ एक धारदार भुजाली और एक मोबाइल बरामद किया गया। दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ चोरी के ट्रैक्टर बेचने का खुलासा
गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों को थाना लाकर एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर सघन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान शंकर कुमार दास ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने अपने अन्य सहयोगियों - उमेश दास, दिलीप कुमार महतो, छोटु विश्वकर्मा और राजेश करमाली के साथ मिलकर एक योजना बनाई थी।
इसी योजना के तहत, उन्होंने 22 जुलाई की रात चन्द्रपुरा थाना के मदनपुर गाँव से एक ट्रैक्टर (नं०- JH11E 8451) की चोरी की थी। चोरी किए गए इस ट्रैक्टर को उन्होंने हजारीबाग जिला के आंगो थाना अन्तर्गत औरिया गाँव के रहने वाले प्रमोद साव को बेचा था, जिसका कबाड़ी का धंधा है।
4 अन्य सहयोगी और चोरी का ट्रैक्टर खरीदने वाला भी गिरफ्तार
इस महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापामारी दल का गठन किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए शंकर कुमार दास के बताए गए चारों सहयोगियों - उमेश दास, दिलीप कुमार महतो, छोटु विश्वकर्मा (जिसका नाम ऊपर की गिरफ्तारी में नहीं था पर चोरी के गैंग में था) और राजेश करमाली को धर दबोचा। साथ ही, चोरी का ट्रैक्टर खरीदने वाले प्रमोद साव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इन सभी की निशानदेही पर चोरी किया गया ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया है।
कुल मिलाकर इस पूरे मामले में 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो लूटपाट की योजना बनाते पकड़े गए और चार चोरी के गैंग के सदस्य और चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी शामिल है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
अपराधी राजेश करमाली का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड एसपी हरविंदर सिंह ने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से राजेश करमाली एक पुराना और शातिर अपराधी है। इसका आपराधिक इतिहास रहा है और यह पूर्व में चतरा में हुए एक अपहरण कांड में भी गिरफ्तार हो चुका है।
बोकारो पुलिस की कार्रवाई
बोकारो पुलिस की यह कार्रवाई न केवल लूट और चोरी की घटना को अंजाम देने से रोकने में सफल रही, बल्कि एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने में भी कामयाब रही। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए सभी अपराधियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और उनके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।