पुलिस ने नवादा (बिहार) से मुख्य आरोपी विष्णु शंकर राय को दबोचा, उसकी निशानदेही पर औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र से सौरभ मेहता उर्फ सोनू और पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र से सूरज कुमार को गिरफ्तार किया गया. सूरज कुमार की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हुंडई अलकाजार कार को बरामद किया गया.
पूछताछ में आरोपियों ने सोनारी बाजार स्थित वर्धमान ज्वेलर्स में लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की. विष्णु शंकर राय ने कबूल किया कि वारदात के बाद उसने अपना देसी पिस्टल डोबो पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था. पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया.
क्या है मामला
बता दें कि 3 सितंबर की दोपहर सोनारी थाना क्षेत्र के बीचोबीच भीड़ भाड़ वाले इलाके में वर्धमान ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी लूट की घटना को अंजाम दिया था. खास बात यह है कि जिस स्थान पर यह वारदात हुई, उसके ठीक सामने बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है और मात्र 50 कदम की दूरी पर झारखंड का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का कार्यालय स्थित है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पांच से छह की संख्या में अपराधी ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए और अचानक पिस्तौल तानकर लूटपाट शुरू कर दी. इस दौरान अपराधियों ने हवाई फायरिंग भी की और दुकान मालिक पर पिस्तौल के बट से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिसके बाद घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था. घटना के दौरान चार से पांच सोने की चेन लूट ली गई. पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी.
जिसके बाद सूचना मिलते ही सिटी एसपी कुमार शिवाशीष सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच जांच शुरू कर दी थी. सिटी एसपी का कहा था कि पुलिस को अपराधियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. घटनास्थल से गोली के खोखे और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए थे.
लूट काण्ड के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आम नागरिकों में इस घटना को लेकर जबरदस्त आक्रोश था. लोगों ने सोनारी पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए थे और कहा था कि थाना प्रभारी अपराधियों से मिलीभगत रखते हैं, जिसके कारण क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. व्यापारियों का कहना था कि पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ हेलमेट चेकिंग जैसे औपचारिक कामों में लगी रहती है.
फिलहाल पुलिस ने मामले का उद्भेदन कर दिया है. पुलिस ने बताया कि इस वारदात के पीछे एक अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का हाथ है. अब तक तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.