
इस योजना के तहत बनाए जा रहे दो बहुमंजिला टॉवरों में लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। उपायुक्त ने संवेदकों को निर्देश दिया कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि लाभुकों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्रदान करना है और अब इसमें किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कार्य में सभी सुरक्षात्मक मानकों का पालन करने और न्यूनतम मजदूरी का नियमित भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बिजली, पेयजल, ड्रेनेज और पहुंच पथ जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभुकों के शिफ्टिंग के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अग्रिम रूप से सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता हर योग्य लाभुक को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम चंद्रजीत सिंह, कार्यपाल अभियंता दीपक सहाय सहित अन्य तकनीकी पदाधिकारी एवं संवेदक उपस्थित थे।