इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों के बीच, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को ईस्ट टेक सिंपोजियम के बारे में अवगत कराना और उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित करना था।
झारखंड के लिए गर्व का क्षण
देश की सुरक्षा में नई पहचान खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में होने वाला यह महाकुंभ न सिर्फ झारखंड के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह राज्य की नई पहचान भी गढ़ेगा। यह आयोजन भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स और भारतीय उद्योग परिसंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य पूर्वी कमान की परिचालन जरूरतों के अनुरूप रक्षा प्रौद्योगिकियों और समाधानों को प्रदर्शित करना है।
इस डिफेंस एक्सपो में देश भर के रक्षा विनिर्माता स्टार्टअप्स, और तकनीकी विशेषज्ञ अपने अत्याधुनिक नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। सेना के वरिष्ठ अधिकारी यहां प्रदर्शित होने वाली तकनीकों का मूल्यांकन करेंगे, जो भविष्य की खरीद प्रक्रिया को दिशा देगा।
विकास की नई राह
रक्षा प्रौद्योगिकी का हब बनेगा राज्य मुख्यमंत्री को दिए गए प्रेजेंटेशन से यह साफ हुआ कि ईस्ट टेक सिंपोजियम झारखंड के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक अवसर है। यह आयोजन राज्य में रक्षा विनिर्माण के लिए एक मज़बूत नींव रखेगा और स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा स्टार्टअप्स को रक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का सुनहरा मौका देगा।
एक नई उम्मीद
रांची की फिजाओं में इस खबर ने एक नई उम्मीद जगा दी है। यह संकेत है कि झारखंड अब केवल अपने प्रचुर खनिज संसाधनों और घने जंगलों के लिए ही नहीं जाना जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक नई धुरी के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री सोरेन का इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना राज्य की इस नई पहल को और बल देगा।