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  • 2025-09-16

Jamshedpur News: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेंनिंग सेंटर में फायर संयंत्र प्रयोग करने की विधि, प्रशिक्षण मॉक ड्रिल आयोजित

Jamshedpur: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेंनिंग सेंटर में प्रशिक्षणार्थी लोको पायलट को इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर प्राथमिक उपचार विधि सावधानियां का प्रशिक्षण के साथ फायर संयंत्र प्रयोग करने की विधि प्रशिक्षण मॉक ड्रिल की गई।

संतोष कुमार ने बताया

सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक इंजन 25 किलो वोल्ट अल्टरनेटिव करंट से संचालित होती है इंजन की वायरिंग केबल विद्युत उपकरण उच्चतम वैल्यू के लगे होते हैं जिससे करंट लीकेज संभावनाएं नगन्य होती है ।अल्टरनेटिव करंट(एसी करंट)को डायरेक्ट करंट (डीसी करंट) में परिवर्तित कर 110 वोल्ट डीसी करंट से भी कार्य ली जाती है। रेल इंजन का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है कभी भी लोको पायलट इलेक्ट्रिक शॉक से मृत्यु या घायल नहीं हुए हैं । विश्वसनीयता आज भी बरकरार है बावजूद मानवीय चुक, लापरवाही से चालू लाइन में शरीर का कोई अंग स्पर्श होने की स्थिति में करंट प्रवाह हो जाती है इसे ही इलेक्ट्रिक शॉक कहते हैं । 

त्वरित कार्रवाई

ऐसी स्थिति में पीड़ित मूर्छित होकर गिर सकता है या स्पर्श अंग जल जाती है या पिड़ीत तार से सटा तड़पता रह जाता है ।ऐसी स्थिति में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए । सर्व प्रथम मेंन स्विच ऑफ करना है मेंन स्विच की जानकारी ना हो तो केबल से दुर पिड़ीत को सुखी लकड़ी सुखी कपड़े तौलिया ,गतता की मदद से अलग करना चाहिए। 

हल्का करंट लगने पर भी शारिरीक गति

मालूम हो हल्का करंट लगने पर भी शारिरीक का ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है जिसकी वजह से शरीर के चारों ओर खून का जाना धीमा हो जाता है और मसल में खिंचाव और अकड़न हो जाती है । 50 वोल्ट से 100 वोल्ट तक करंट सहने की रेजिस्टेंस शरीर में होती है इससे अधिक वोल्ट पर शरीर में गहरा क्षति पहुंचता है। 

सीपीआर देना आरम्भ करना

बेहोश व्यक्ति को सर्वप्रथम सुखी लकड़ी चौकी पलंग या चटाई पर सिधा लेटाए पानी का छींटा मार होश में लाने का प्रयास करे होश ना आने पर प्राथमिक जांच करते हुए माऊथ टू माऊथ ऑक्सीजन देने का कार्य करे फिर भी होश में ना आये तो शिघ्रता पूर्ण सीपीआर देना आरम्भ करना चाहिए । पीड़ित को पानी या जूस नहीं देनी है । 

व्यक्ति सामान्य ना हो

जब तक के व्यक्ति सामान्य ना हो जाए। इंजन में प्रवाहित डीसी करंट डीप बर्न त्वचा के नीचेअंदरूनी हिस्से मे जलन कर देती है रक्त को अपघटन कर देती है। ऐसे व्यक्ति का ईसीजी और एक्स- रे करने आवश्यक होती है। जिससे पता चलता है की कितनी गहराई तक करंट का प्रभाव हुआ है।

डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह के द्वारा इंजन में दी गई फायर संयंत्र के उचित रख रखाव प्रयोग करने की विधि मॉक ड्रिल कर प्रशिक्षण दिया वही अनामिका मंडल ने ट्रायंगुलर बैंडेज करने की विभिन्न विधियो की प्रस्तुति कर प्रशिक्षित किया।

कार्यक्रम उपस्थित रहे

कार्यक्रम में जीडी सी ई आरआरबी इनीटील ,ए सी आर सी असिस्टेंट रिफ्रेशर बैच, सीआरसी लोको पायलट रिफ्रेशर ,पी सी ई एम डीजल डीजल कन्वर्सेन के कुल 450 लोको पायलट उपस्थित रहे ।
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