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  • 2025-09-15

Hazaribagh Police: झारखंड पुलिस की ऐतिहासिक सफलता, हजारीबाग में ऑपरेशन चूना पत्थर के तहत तीन शीर्ष माओवादी ढेर

Hazaribagh: झारखंड पुलिस ने हजारीबाग में चलाए गए ऑपरेशन चूना पत्थर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने तीन हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें एक करोड़ का इनामी, भाकपा माओवादी का केंद्रीय कमेटी सदस्य सहदेव सोरेन भी शामिल है। उसके साथ, 25 लाख का इनामी स्पेशल एरिया कमांडर रघुनाथ हेंब्रम और 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी मेंबर वीरसेन गंझू भी ढेर हुए हैं। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ और इंटेलिजेंस की टीम का एक बड़ा और संयुक्त प्रयास है।

डीजीपी ने सराहा जवानों का शौर्य

घटनास्थल पर पहुंचे झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने जवानों की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झारखंड पुलिस की ही नहीं, बल्कि सभी सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी उपलब्धि है। डीजीपी ने बताया कि मारा गया नक्सली सहदेव सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र की हत्या में भी शामिल था। इसके अलावा, वह 183 राइफल लूटने और दर्जनों पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी भी था। डीजीपी ने गर्व से कहा कि जनवरी से अब तक झारखंड पुलिस ने कुल 29 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े और लगातार अभियानों को दिखाता है। उन्होंने जवानों के उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि हर ऑपरेशन के बाद उनका नारा ये दिल मांगे मोर होता है।

झारखंड पुलिस की रणनीति और भविष्य की योजना

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि झारखंड पुलिस अब नक्सलियों को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई पिछले कई सालों में नहीं हुई, जो दिखाता है कि पुलिस ने अपनी रणनीति में कितना सुधार किया है। डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि हजारीबाग का क्षेत्र अब नक्सल मुक्त हो चुका है। हालांकि, चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में अभी भी कुछ नक्सली सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

जानिए डीजीपी ने क्या कहा 

डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस का इंटेलिजेंस सिस्टम एकदम सटीक है और उन्हें पता है कि कौन-सा नक्सली कहाँ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि "पुलिस की सेटेलाइट हर नक्सली को देख रही है। नक्सली या तो आत्मसमर्पण करें या फिर ऊपर जाने के लिए तैयार रहें।" यह बयान दर्शाता है कि पुलिस का इरादा एकदम साफ है और वे किसी भी नक्सली को बख्शने के मूड में नहीं हैं।

आम जनता में सुरक्षा की भावना को मिली मजबूती

इस ऑपरेशन से झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ा मोड़ आया है और इसने पुलिस के मनोबल को और भी मजबूत किया है। यह कार्रवाई आम जनता में भी सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है।
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