Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-09-15

Supreme Court : वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कई प्रावधान अस्थायी तौर पर स्थगित

Supreme Court : संसद से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू हो चुके वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कानून के कई अहम प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगा दी है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अगुवाई वाली दो जजों की खंडपीठ ने पांच याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. कोर्ट ने साफ किया कि अंतिम फैसला आने तक कुछ प्रावधान लागू नहीं होंगे.

पांच साल तक इस्लाम पालन करने की शर्त पर स्टे

कानून में प्रावधान किया गया था कि कोई भी व्यक्ति तभी वक्फ को संपत्ति दान कर सकता है जब वह कम से कम पांच साल से इस्लाम धर्म का पालन कर रहा हो. यह प्रावधान सेक्शन 3 (r) में शामिल था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक लगाते हुए कहा कि जब तक राज्यों में इसको लेकर ठोस तंत्र नहीं बनता, यह शर्त लागू नहीं होगी.

वक्फ बोर्ड सदस्यता पर रोक

संशोधन अधिनियम में यह भी प्रावधान था कि वक्फ बोर्ड का सदस्य वही बन सकता है जो पांच साल से अधिक समय से इस्लाम धर्म का पालन कर रहा हो. कोर्ट ने इस पर भी रोक लगाई है और कहा कि जब तक राज्य सरकारें स्पष्ट नियम नहीं बनातीं, यह लागू नहीं होगा.

कलेक्टर की रिपोर्ट अनिवार्यता पर स्टे

सेक्शन 3C में कहा गया था कि किसी संपत्ति को वक्फ तभी माना जाएगा जब कलेक्टर यह रिपोर्ट दें कि इसमें अतिक्रमण या सरकारी जमीन शामिल नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर भी स्टे लगाया और कहा कि व्यक्तिगत अधिकारों पर कलेक्टर का निर्णय सर्वोच्च नहीं हो सकता.

गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या तय

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि वक्फ बोर्ड में तीन से ज्यादा गैर मुस्लिम सदस्य शामिल नहीं होंगे. वहीं केंद्रीय वक्फ परिषद के 22 सदस्यों में चार से अधिक गैर मुस्लिम सदस्य नहीं हो सकते.

कुछ प्रावधानों पर रोक नहीं

कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण से जुड़े प्रावधान पर कोई रोक नहीं लगाई. साथ ही वक्फ बाय यूजर को हटाने के सरकार के फैसले पर भी स्टे नहीं दिया गया. कोर्ट ने कहा कि पंजीकरण की व्यवस्था पहले भी रही है, इसलिए इसे नया नहीं माना जा सकता.

लोकसभा ने 3 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन अधिनियम पास किया था, राज्यसभा ने 4 अप्रैल को इसे मंजूरी दी और 5 अप्रैल को राष्ट्रपति ने भी इस पर हस्ताक्षर कर दिए थे. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं थीं जिनमें कानून को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कानून को रद्द करने से इनकार करते हुए सिर्फ कुछ प्रावधानों पर अस्थायी रोक लगाई है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !