कम त्रुटि और तेज गति के साथ काम कर सकते हैं. इस तकनीक को सहायक के रूप में देखना है न कि संदेह की दृष्टि से. तकनीक के साथ जुड़ना और उसे अपनाना समय की मांग है सफल होने के लिए इससे दूर नहीं रहा जा सकता. कोडस्टेन टेक्नोलॉजी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रियांशु कुशवाहा ने विद्यार्थियों को चैट जीपीटी और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के बेहतर उपयोग की जानकारी दी. इन्होंने बताया कि किस तरह आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और चैटजीपीटी का उपयोग कर कठिन से कठिन कार्य को सुविधाजनक तरीके से कम से कम समय में किया जा रहा है. प्रियांशु कुशवाहा ने भी सभी विद्यार्थियों को टेक्नो फ्रेंडली बनने की सलाह दी.

इससे पहले सोना देवी विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल की प्रमुख डॉ नित नयना ने नव नामांकित विद्यार्थियों को सोना देवी विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न संस्थानों के साथ किये गये एमओयू की जानकारी दी. साथ ही बताया कि सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कहां कहां इंटर्नशिप कर रहे हैं. डॉ नित नयना ने विद्यार्थीयों के प्लेसमेंट सेल के कार्यों की भी जानकारी दी. परीक्षा विभाग से जुड़ी सोनल कुमारी ने विद्यार्थीयों को परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से अवगत कराया. फ्रेशर्स वीक के दूसरे सत्र में विद्यार्थीयों के बीच निबंध प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया और उन्हें एक मोटिवेशनल फिल्म दिखाई गई.