इसके बाद भोला प्रसाद गाड़ी लेकर मुख्य गेट के पास ड्रॉपिंग एरिया
में पहुंचे, वहां आकर भी उनसे रसीद दिखाकर पार्किंग शुल्क देने की मांग करते हुए
कर्मचारी उलझने लगे. डीएसपी ने खुद को पुलिस का स्टाफ बताते हुए रसीद लेने से
इनकार किया. इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही. डीएसपी की गाड़ी
ड्रॉपिंग एरिया से निकल कर जब स्टेशन के आउट गेट से निकल रही थी, तो उन्हें वहां रोक लिया गया और पार्किंग शुल्क देने की मांग करते
हुए रसीद सामने कर दी. यह देख डीएसपी नाराज हो गये. उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो
पार्किंग के बीचोंबीच रोक दी. पार्किंग कर्मियों से मैनेजर व मालिक को बुलाने को
कहा. इस दौरान वहां सीजीपीसी के पूर्व पदाधिकारी भी पहुंच गये. डीएसपी ने फोन कर आस-पास
की पुलिस पार्टी को बुलाया और चार-पांच पार्किंग कर्मियों को खदेड़ा व पीटा. आधा
घंटा तक स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मची रही.
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस दौरान पार्किंग कर्मी इधर-उधर भागते ही
नजर आ रहे थे. इसके बाद स्टेशन पर तैनात अन्य सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह स्थिति
को संभाला. विवाद की
गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने सभी पार्किंग कर्मियों की आधार फोटो के साथ पूरी
जानकारी मांगी है. उन्होंने पार्किंग मैनेजर को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द
सभी पार्किंग कर्मियों की सूची उपलब्ध कराये. साथ सभी स्टाफ अपने कंपनी के आई
कार्ड के साथ इन और आउट गेट पर तैनात रहेंगे, हालांकि डीएसपी भोला प्रसाद ने इस संबंध में कुछ बताने से इनकार किया.
इधर, रविवार को रात 10 बजे आरपीएफ थाना प्रभारी राकेश मोहन
पहुंचे. उन्होंने ठेकेदार राजीव राम, पैकेजिंग मैनेजर वीरू व अन्य को चेतावनी दी. कहा कि अगर किसी तरह का
विवाद हुआ तो सख्त कार्रवाई की जायेगी, कर्मियों की पहचान व आइडी कार्ड अनिवार्य होगा.