Jharkhand Big News: प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश के पश्चिम बंगाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की खबर है. झारखंड पुलिस मुख्यालय के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, उस पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. इसमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ और ओडिशा सरकार की ओर से 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल है.
पश्चिम मेदिनीपुर का रहने वाला है असीम मंडल
असीम मंडल को संगठन में आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे नामों से भी जाना जाता है. वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला बताया गया है. वह लंबे समय से झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है.
55 मामलों में वांछित होने का दावा
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, असीम मंडल झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दर्ज 55 मामलों में वांछित बताया गया है. उसका नाम कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हुई कई नक्सली घटनाओं से भी जोड़ा जाता रहा है. हालांकि, अलग-अलग मामलों में उसकी भूमिका से जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी.
कई बड़े हमलों से जुड़ा रहा नाम
असीम मंडल का नाम चाईबासा के छोटानागरा, जराइकेला और टोंटो थाना क्षेत्रों में हुई नक्सली घटनाओं से जोड़ा गया है. इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ और पश्चिमी सिंहभूम के कराइकेला क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमले के मामलों में भी उसका नाम सामने आया है. इन घटनाओं में सुरक्षा बलों के जवानों के घायल और शहीद होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है.
हथियारों और संगठन की जानकारी पर नजर
आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियां असीम मंडल से पूछताछ कर रही हैं. जांच एजेंसियों की नजर उसके पुराने ठिकानों, संगठन के नेटवर्क और हथियारों से जुड़ी जानकारी पर है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से सारंडा और आसपास के जंगलों में छिपाए गए हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री के बारे में जानकारी मिल सकती है. असीम मंडल के आत्मसमर्पण की खबर को झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.