Jharkhand: सरकारी काम में लापरवाही और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर झारखंड सरकार ने कार्रवाई की है. 1 जनवरी से 14 सितंबर 2026 के बीच अनुशासनहीनता के मामलों में कुल 312 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ अलग-अलग विभागों के इंजीनियर और कर्मचारी भी शामिल हैं.
142 कर्मियों का वेतन रोका गया
सरकारी काम में गंभीर लापरवाही के 142 मामले सामने आए. इन मामलों में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया.
साथ ही संबंधित अवधि का वेतन रोकने का फैसला लिया गया है.
88 कर्मचारियों की सर्विस बुक में निंदा
उच्च अधिकारियों के आदेश नहीं मानने और लगातार काम में सुस्ती बरतने वाले 88 कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है.
इनकी सर्विस बुक में निंदा प्रविष्टि दर्ज की गई है. इसका असर आगे उनके सेवा रिकॉर्ड और प्रमोशन पर पड़ सकता है.
54 मामलों में वेतन वृद्धि रोकी गई
प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता करने वाले 54 कर्मचारियों की एक या उससे अधिक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई. इन मामलों में वेतन वृद्धि संचयी या असंचयी प्रभाव से रोकने का दंड दिया गया है.
28 मामलों में निलंबन और विभागीय जांच
वित्तीय अनियमितता और लंबे समय तक बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के 28 गंभीर मामलों में निलंबन की कार्रवाई की गई. इन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं. सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी कामकाज में लापरवाही रोकना और अधिकारियों-कर्मचारियों में समय पर काम करने की जिम्मेदारी तय करना है.