दुर्गापुर से दो आरोपी पकड़े गए
SIT ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से असित महतो और रंजीत बख्शी को गिरफ्तार किया. दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को तीसरे आरोपी के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने धनबाद से धीरज कुमार को भी पकड़ लिया. पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है.
जेल भेजने का डर दिखाकर ठगी
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने गौतम चंद्र दास को फोन किया था. उन्हें किसी फर्जी केस में फंसाने की बात कही गई. इसके साथ ही जेल भेजने का डर दिखाया गया. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया. डर के कारण पीड़ित ने अलग अलग किस्तों में कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये दे दिए. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की.
5 हजार से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल
जांच में पुलिस को साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पता चला है. बताया जा रहा है कि ठगी की रकम 5,000 से ज्यादा बैंक खातों में भेजी गई थी. इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग अलग राज्यों में किया गया. पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से जुड़े हैं. आशंका है कि अपराधी फर्जी और किराए के बैंक खातों के जरिए पैसों का लेनदेन करते थे.
कई बैंक खाते किए गए फ्रीज
पुलिस ने ठगी की रकम वाले कई संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराया है. इससे इन खातों से पैसे निकालने पर रोक लग गई है. SIT अब इन खातों से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ने की कोशिश चल रही है. पुलिस को जांच आगे बढ़ने पर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की भी उम्मीद है.