Jharkhand High Court: झारखंड में उम्रकैद की सजा काट रहे 26 सजायफ्ताओं को समय से पहले रिहाई देने का फैसला लिया गया है. राज्य सरकार ने यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के जरिए दी है. सरकार के मुताबिक, 30 जुलाई को हुई स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की बैठक में इन 26 सजायफ्ताओं की समयपूर्व रिहाई को मंजूरी दी गई.
हर तीन महीने में कैदियों के मामलों की समीक्षा
यह मामला झारखंड हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान से शुरू हुई जनहित याचिका से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान सरकार ने शपथ पत्र दाखिल कर बोर्ड की गतिविधियों की जानकारी अदालत को दी. सरकार ने बताया कि सजायफ्ताओं की समयपूर्व रिहाई पर विचार करने के लिए बोर्ड की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जा रही है.
अगली बैठक की जानकारी भी देनी होगी
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी भी अदालत के सामने रखी जाए. सरकार को मामले में अगली स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निगरानी
सजायफ्ताओं की समयपूर्व रिहाई से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को हर तीन महीने में स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की बैठक करने का निर्देश दिया है. इसी व्यवस्था के पालन की निगरानी झारखंड हाईकोर्ट कर रहा है.
मामले में झालसा की ओर से अधिवक्ता सुभम मिश्रा और हाईकोर्ट की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास ने पक्ष रखा.