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  • 2026-09-08

Jharkhand Industrial Rules: कंपनियों की मनमानी पर लगेगा ब्रेक! श्रम विभाग ने तय की समय-सीमा; छंटनी और बंदी के लिए सरकार से लेनी होगी अनुमति

Jharkhand Industrial Rules: झारखंड में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए नियमों को और सख्त करने की तैयारी है. श्रम विभाग ने हड़ताल, तालाबंदी, ले-ऑफ और छंटनी जैसी स्थितियों को लेकर नया नियमों का खाका तैयार किया है. नई व्यवस्था में कंपनियों और कामगारों दोनों के लिए प्रक्रिया तय की गई है. सूचना देने से लेकर सरकारी अनुमति और छंटनी के बाद कामगार को आर्थिक मदद देने तक की समय सीमा निर्धारित की गई है.

हड़ताल और तालाबंदी की देनी होगी सूचना
हड़ताल की जानकारी प्रपत्र-VII में देनी होगी. इस पर पंजीकृत श्रमिक संघ के सचिव या पांच अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे. सूचना की कॉपी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के साथ निबंधित डाक या स्पीड पोस्ट से सुलह अधिकारी और श्रमायुक्त को भेजनी होगी. तालाबंदी के लिए प्रपत्र-VIII में सूचना देनी होगी. इसे प्रतिष्ठान के मुख्य गेट या इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर भी प्रदर्शित करना जरूरी होगा. हड़ताल की सूचना मिलने या तालाबंदी करने की स्थिति में नियोजक को पांच दिनों के भीतर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देनी होगी.

छंटनी और ले-ऑफ पर भी प्रक्रिया तय
एक साल या उससे ज्यादा समय तक लगातार काम कर चुके कर्मचारियों की छंटनी के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा. छंटनी के मामले में प्रपत्र-IX के जरिए राज्य सरकार और श्रमायुक्त को सूचना देनी होगी. वहीं ले-ऑफ या बंदी के लिए प्रपत्र-X के तहत अनुमति मांगनी होगी. इन आवेदनों की जानकारी कर्मचारियों के साथ-साथ प्रतिष्ठान के सूचना बोर्ड या इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर भी प्रदर्शित करनी होगी.

फैसले के खिलाफ रिव्यू का मौका
सरकार के अनुमति देने या आवेदन खारिज करने के फैसले के खिलाफ नियोजक या कामगार रिव्यू के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए 30 दिन से दो महीने की समय सीमा रखी गई है. सरकार को ऐसे मामलों की सुनवाई कर दो महीने के भीतर फैसला करना होगा.

छंटनी के बाद कामगार को मिलेगी आर्थिक मदद
नई व्यवस्था में छंटनी का सामना करने वाले कामगारों के लिए "कामगार पुनर्कौशल निधि" का प्रावधान किया गया है. छंटनी के 10 दिनों के भीतर नियोजक को कामगार के अंतिम आहरित वेतन के 15 दिनों के बराबर राशि श्रम विभाग के श्रमाधान पोर्टल से जुड़े सरकारी खाते में जमा करनी होगी.

राशि मिलने के 45 दिनों के भीतर सरकार इसे कामगार के बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी. इस रकम का इस्तेमाल कामगार नए कौशल सीखने यानी री-स्किलिंग के लिए कर सकेगा.


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