Koderma Thermal Power Station: कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन यानी KTPS में तकनीकी खराबी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. बॉयलर ट्यूब लीकेज के बाद 500 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट को बंद करना पड़ा. KTPS की दोनों यूनिट की कुल क्षमता 1000 मेगावाट है. एक यूनिट बंद होने के बाद फिलहाल दूसरी यूनिट से करीब 500 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है.
झारखंड को मिलती है करीब 750 MW बिजली
KTPS में 500-500 मेगावाट की दो यूनिट हैं. यहां से बनने वाली बिजली का करीब 750 मेगावाट हिस्सा झारखंड सरकार को मिलता है. एक यूनिट के बंद होने से फिलहाल उत्पादन क्षमता आधी रह गई है. ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है.
KTPS के प्रोजेक्ट हेड संजय कुमार के मुताबिक, बॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण एक यूनिट को बंद किया गया है. दूसरी यूनिट से करीब 50 प्रतिशत क्षमता पर बिजली उत्पादन जारी है. उन्होंने बताया कि KTPS से स्थानीय इलाकों में सीधे बिजली नहीं जाती. यहां की बिजली पहले ग्रिड को दी जाती है और फिर अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई होती है. जरूरत पड़ने पर दूसरे स्रोतों से बिजली लेकर मांग पूरी की जा सकती है.
वहीं, बिजली बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई है. उनका कहना है कि एक यूनिट लंबे समय तक बंद रहने पर शहर और आसपास के इलाकों में उपलब्ध बिजली कम हो सकती है.
फिलहाल तकनीकी खराबी को ठीक करने का काम चल रहा है. अब निगाह इस बात पर है कि KTPS की बंद यूनिट दोबारा कब शुरू होती है.