Dhanbad News: शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में बिजली आपूर्ति ठप होने के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गिरिडीह निवासी 48 वर्षीय पानमुनि देवी सर्पदंश के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थीं। रविवार को सर्जिकल आईसीयू की बिजली करीब आधे घंटे तक बाधित रहने के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिजली जाने के बाद आईसीयू में मौजूद वेंटिलेटर और अन्य जीवनरक्षक उपकरण प्रभावित हो गए। उनका कहना है कि समय पर बिजली का बैकअप नहीं मिलने से मरीज की हालत और गंभीर हो गई।
सर्पदंश के बाद गंभीर हालत में धनबाद लाई गई थीं महिला
जानकारी के अनुसार, शनिवार को गिरिडीह में पानमुनि देवी को सांप ने काट लिया था। शुरुआती इलाज के बाद जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए SNMMCH धनबाद भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया था।
बिजली जाने से आईसीयू में मची अफरा-तफरी
रविवार को अचानक सर्जिकल आईसीयू की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। परिजनों का दावा है कि करीब 30 मिनट तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान आईसीयू में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों के बीच चिंता का माहौल बन गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बिजली कटने के कारण कई जरूरी चिकित्सा उपकरण काम करना बंद कर गए। उन्होंने अस्पताल की आपातकालीन बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
अस्पताल का मुख्य जनरेटर एक सप्ताह से खराब
अस्पताल प्रबंधन ने बताया है कि मुख्य जनरेटर पिछले करीब एक सप्ताह से खराब है। ऐसे में मुख्य बिजली आपूर्ति बाधित होने पर बैकअप व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस स्थिति के कारण अस्पताल के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति को लेकर परेशानी होने की बात सामने आई है।
आईसीयू जैसे महत्वपूर्ण विभाग में बिजली बाधित होने की घटना ने अस्पताल की तकनीकी और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौत के वास्तविक कारण की जांच जरूरी
पानमुनि देवी की मौत सीधे तौर पर सर्पदंश के जहर के प्रभाव से हुई या बिजली बाधित होने के दौरान चिकित्सा उपकरण प्रभावित होने से उनकी हालत बिगड़ी, इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
हालांकि, एक सप्ताह से मुख्य जनरेटर के खराब होने और बिजली कटने के दौरान आईसीयू की व्यवस्था प्रभावित होने की बात ने अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।