Jharkhand News: JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID अब अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी में है. SIT अब तक 250 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है. शनिवार को भी करीब दो दर्जन सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई. जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक 100 से अधिक अभ्यर्थियों की सफलता में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं.
CID की पिछली जांच के आधार पर 28 सफल अभ्यर्थियों को डिबार किया गया था. ये सभी नेपाल के वीरगंज गए थे. वहीं, जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है और जिनकी भूमिका जांच में संदिग्ध सामने आई है, उनकी जानकारी भी सरकार को अलग रिपोर्ट के जरिए दी जाएगी.
गिरफ्तार आरोपियों के बाद अब संदिग्ध अभ्यर्थियों पर नजर
इस मामले में अभय तिवारी, अक्षय तिवारी, सुषमा तिवारी, समीर कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, दीपक कुमार और आनंद कुमार सिंह समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. CID अब बाकी संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
JSSC दफ्तर में तीसरे दिन भी जांच
SIT ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन JSSC कार्यालय में दस्तावेज खंगाले. सचिव सुधीर कुमार गुप्ता की मौजूदगी में CGL परीक्षा और उससे जुड़ी एजेंसियों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया. जांच टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं. वहीं, आठ दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ICN कंपनी से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है.
दोनों ने पूछताछ में मिथिलेश सिंह की कथित भूमिका की जानकारी दी है. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच में और अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.