Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने अवैध कोयला ढुलाई से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अमर मंडल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है। मंडल ने अवैध कोयला परिवहन के आपराधिक मामले में अदालत से बरी होने का हवाला देते हुए ED की कार्रवाई खत्म करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद ED को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
2019 की FIR के आधार पर ED ने दर्ज किया था ECIR
मामला वर्ष 2019 में पोड़ैयाहाट थाना में दर्ज FIR संख्या 7/2019 से जुड़ा है। एक ट्रक के जरिए कथित अवैध कोयला ढुलाई के आरोप में यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अमर मंडल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया। इसी फैसले को आधार बनाकर अमर मंडल ने हाईकोर्ट का रुख किया और दलील दी कि जब मूल आपराधिक मामले में उन्हें बरी किया जा चुका है, तो उसी आधार पर ED की ओर से चल रही कार्रवाई भी बंद की जानी चाहिए।
इसी प्राथमिकी के आधार पर ED ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू की थी।
हाईकोर्ट ने पहले जांच पर लगाई थी रोक
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अमर मंडल के खिलाफ चल रही ED की जांच पर अंतरिम रोक लगाई थी। अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की स्थिति पर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था।
अदालत के निर्देश के बाद ED ने अपना शपथ पत्र दाखिल किया। इसमें एजेंसी ने मंडल के ठिकानों पर की गई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज, नकदी और बैंक खातों से संबंधित जानकारी अदालत के सामने रखी।
छापेमारी में 85 लाख रुपये नकद और 134 दस्तावेज मिलने का दावा
ED की ओर से अदालत को बताया गया कि 21 नवंबर 2025 को अमर मंडल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। तलाशी के दौरान उनके घर से 85 लाख रुपये नकद और संपत्तियों से संबंधित 134 दस्तावेज बरामद किए गए।
एजेंसी के अनुसार, बरामद दस्तावेजों में गिफ्ट डीड, लीज डीड और सेल डीड शामिल हैं। ED ने यह भी बताया कि मंडल से संबंधित जांच में उनके बैंक खाते में 8.94 करोड़ रुपये नकद जमा किए जाने का विवरण सामने आया है।
संपत्तियों और रकम को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं देने का ED का दावा
ED ने अदालत के समक्ष दावा किया कि अमर मंडल के पास मिली संपत्तियों और उनसे संबंधित दस्तावेजों के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं है। एजेंसी ने इन तथ्यों को अपनी जांच का हिस्सा बताते हुए मामले में आगे कार्रवाई जारी रखने की अनुमति मांगी।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने ED को अमर मंडल के खिलाफ अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। अब केंद्रीय एजेंसी मामले में सामने आए वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य तथ्यों की आगे जांच कर सकेगी।