Palamu Hospital Inspection: पलामू के पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को अचानक प्रशासनिक जांच हुई. मेदिनीनगर सदर SDO संजय पांडेय के नेतृत्व में टीम अस्पताल पहुंची. जांच के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत 14 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर नहीं मिले. अस्पताल में कई तरह की लापरवाही और अनियमितताएं भी सामने आईं.
हाजिरी रजिस्टर में मिली गड़बड़ी, हस्ताक्षर के बाद अस्पताल से गायब डॉक्टर
जांच के दौरान गृह रक्षक पूनम कुमारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं. इसके बावजूद रजिस्टर में उनकी अगले दिन तक की एडवांस हाजिरी दर्ज मिली. SDO की टीम ने इसे गंभीर मामला माना. डॉ. रामाश्रय के मामले में भी लापरवाही सामने आई. रजिस्टर में उनका हस्ताक्षर था, लेकिन वह अस्पताल में मौजूद नहीं थे. जांच के दौरान उनके निजी क्लीनिक चलाने की बात भी सामने आई.
रोस्टर और वैक्सीन रजिस्टर भी नहीं मिला सही
अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर भी मौके पर नहीं मिला. वहीं वैक्सीन का स्टॉक रजिस्टर भी अपडेट नहीं पाया गया. इससे अस्पताल के कामकाज और रिकॉर्ड रखने के तरीके पर सवाल उठे.
अस्पताल में गंदगी और मरीज भी नहीं मिले
जांच टीम को OPD और ड्रेसिंग रूम में गंदगी मिली. बायो मेडिकल वेस्ट को निपटाने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी. हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े स्वास्थ्य केंद्र में जांच के समय एक भी मरीज भर्ती नहीं मिला.
प्राइवेट पैथोलॉजी का कार्ड भी मिला
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की टेबल से एक निजी पैथोलॉजी लैब का विजिटिंग कार्ड भी मिला. प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्था से जुड़े इन सभी मामलों को गंभीरता से लिया है.
दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी
SDO संजय पांडेय ने मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही और अनियमितताओं की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही है. साथ ही दोषी पाए गए डॉक्टरों और कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर होगी.