Tata Steel Bonus 2026: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस को लेकर तस्वीर अब जल्द साफ हो सकती है. कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच मंगलवार को बोनस को लेकर अहम बातचीत हुई. बैठक में कंपनी की आय और खर्च का पूरा ब्योरा यूनियन के सामने रखा गया. बातचीत के बाद उम्मीद बढ़ी है कि इसी सप्ताह बोनस समझौते पर सहमति बन सकती है. बैठक में टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुननु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह मौजूद रहे. प्रबंधन की ओर से कंपनी की वित्तीय स्थिति की जानकारी दी गई.
कंपनी के मुनाफे में करीब 1000 करोड़ की बढ़ोतरी
इस वित्तीय वर्ष टाटा स्टील को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा हुआ है. पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी का मुनाफा 9,000 करोड़ रुपये से कुछ अधिक था. इस हिसाब से कंपनी के मुनाफे में पिछले साल की तुलना में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. यही वजह है कि कर्मचारियों को इस बार बेहतर बोनस मिलने की उम्मीद है. हालांकि, बोनस की अंतिम राशि को लेकर अभी प्रबंधन और यूनियन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
TV नरेंद्रन और अतरई सान्याल शहर में
टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन फिलहाल जमशेदपुर में ही हैं. कंपनी के चीफ पीपल ऑफिसर अतरई सान्याल भी शहर में मौजूद हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि बोनस समझौते को लेकर आगे की बातचीत में तेजी आ सकती है और इसी सप्ताह समझौता हो सकता है. हालांकि, इस संभावना पर मैनेजमेंट और यूनियन दोनों ही फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं.
पिछले साल 303 करोड़ रुपये बांटे गए थे
टाटा स्टील में पिछले साल कर्मचारियों के बीच 303 करोड़ रुपये बोनस के रूप में बांटे गए थे. इस बार कंपनी के रोल में करीब 26,000 कर्मचारी हैं, जिन्हें बोनस का लाभ मिलेगा. हाल ही में कर्मचारियों का वेज रिवीजन समझौता भी हुआ है. इसके बाद कर्मचारियों के बेसिक वेतन में बढ़ोतरी हुई है. इसी वजह से इस बार बोनस की रकम बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
पुराने फॉर्मूले से तय होगी बोनस की राशि
बोनस समझौता पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही किया जाना है. मंगलवार की बैठक में भी इसी फॉर्मूले के अनुसार बोनस की राशि तय करने पर चर्चा हुई. बताया गया कि फॉर्मूले के आधार पर राशि तय करने के बाद मैनेजमेंट अपनी ओर से प्रस्ताव देगी. वहीं यूनियन की कोशिश है कि कर्मचारियों के हित में बोनस की रकम को थोड़ा और बढ़ाया जाए. अब अंतिम राशि पर सहमति बनने का इंतजार है.