Ranchi News: रांची में बिना अनुमति लगे होर्डिंग और विज्ञापन बोर्डों को लेकर रांची नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है. न्यायालय के निर्देशों के बाद निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों को ऐसे बोर्डों की जांच करने का आदेश दिया है.
विज्ञापन एजेंसियों को 7 दिन की मोहलत
नगर निगम की बाजार शाखा ने 1 सितंबर 2026 को इस संबंध में आम सूचना जारी की है. निगम ने एजेंसियों से अपने लगाए सभी होर्डिंग और विज्ञापन बोर्डों का निरीक्षण करने को कहा है. खास तौर पर डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट पोल और बिजली के पोल पर लगे विज्ञापन बोर्डों की जांच करनी होगी. सड़क की सतह से 12 फीट तक की ऊंचाई वाले संबंधित होर्डिंग और बोर्ड को हटाना या दूसरी जगह लगाना होगा. इसके लिए एजेंसियों को सात दिनों का समय दिया गया है.
सिर्फ होर्डिंग हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा. विज्ञापन एजेंसियों को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी नगर निगम की बाजार शाखा में जमा करनी होगी. यह रिपोर्ट भी सात दिनों के अंदर देनी होगी.
आदेश नहीं माना तो निगम खुद हटाएगा बोर्ड
नगर निगम ने साफ किया है कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर वह खुद होर्डिंग हटाएगा. हटाए गए विज्ञापन बोर्ड और दूसरी सामग्री को निगम जब्त भी कर सकता है. इस पूरी कार्रवाई में होने वाला खर्च संबंधित एजेंसी से वसूला जाएगा. निगम ने इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित विज्ञापन एजेंसी की तय की है.
पैदल चलने वालों के अधिकार पर भी जोर
नगर निगम ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया है, जिसमें पैदल चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के फुटपाथ और पैदल चलने वाले रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर जोर दिया जा रहा है. निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर लगाए गए अवरोधों से आम लोगों को परेशानी होती है.
एजेंसियों से नियमों का पालन करने की अपील
नगर निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों को आदेश को गंभीरता से लेने को कहा है. निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय के अंदर नियमों के मुताबिक कार्रवाई पूरी करनी होगी. अब देखना होगा कि विज्ञापन एजेंसियां सात दिनों के भीतर अपने स्तर से कितने होर्डिंग हटाती हैं और नगर निगम की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है.