Jamshedpur: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में 8 सितंबर 2026 को होने वाले कन्वोकेशन समारोह को लेकर विवाद शुरू हो गया है. कन्वोकेशन शुल्क और छात्राओं को समारोह में शामिल करने को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है. मोर्चा के कोल्हान सचिव पप्पू यादव ने कहा कि कन्वोकेशन छात्राओं के लिए उनकी वर्षों की मेहनत का सम्मान है. ऐसे में किसी भी छात्रा को शुल्क या प्रशासनिक वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए.
1,000 रूपए शुल्क को लेकर उठाया सवाल
झारखंड छात्र मोर्चा का कहना है कि छात्राओं से कन्वोकेशन या डिग्री के नाम पर 1,000 रूपए लिए जा रहे हैं. वहीं, कई छात्राओं का दावा है कि आठों सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरते समय डिग्री शुल्क पहले ही लिया जा चुका है. मोर्चा ने विश्वविद्यालय से पूछा है कि पहले शुल्क लिए जाने के बाद दोबारा 1,000 रूपए किस नियम के तहत मांगे जा रहे हैं. संगठन ने इस शुल्क से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है.
कन्वोकेशन में सभी पात्र छात्राओं को मिले मौका
मोर्चा ने यह भी कहा है कि कई छात्राओं को कन्वोकेशन समारोह में शामिल होने से वंचित किए जाने की बात सामने आई है. संगठन के अनुसार, अगर समारोह में सीटों की कमी है तो विश्वविद्यालय को सभी पात्र छात्राओं के लिए उचित और सम्मानजनक वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए.
झारखंड छात्र मोर्चा की 10 प्रमुख मांगें
- मोर्चा ने 1,000 रूपए शुल्क की समीक्षा करने और इसके आधार से जुड़ी अधिसूचना सार्वजनिक करने की मांग की है.
- संगठन ने आठों सेमेस्टर के दौरान छात्राओं से लिए गए डिग्री शुल्क का पूरा विवरण जारी करने को कहा है. साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि पहले शुल्क लेने के बाद अतिरिक्त राशि क्यों मांगी जा रही है.
- मोर्चा ने 1,000 रूपए की राशि का मदवार हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है. संगठन चाहता है कि विश्वविद्यालय बताए कि इस रकम का इस्तेमाल किन कार्यों में किया जाएगा.
- संगठन ने कहा है कि जो छात्राएं 1,000 रूपए जमा नहीं कर पाई हैं, उन्हें सिर्फ इसी वजह से उनकी डिग्री से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.
- मोर्चा ने सभी पात्र छात्राओं को कन्वोकेशन में शामिल करने की व्यवस्था करने की मांग की है. सीटों की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है.
- इसके अलावा विश्वविद्यालय से डिग्री शुल्क और कन्वोकेशन शुल्क की स्थिति साफ करने की मांग की गई है. यदि दोनों शुल्क अलग हैं, तो उनकी स्वीकृत शुल्क संरचना सार्वजनिक करने को कहा गया है.
राज्यपाल से की जांच की मांग
झारखंड छात्र मोर्चा ने छात्राओं की ओर से राज्यपाल को भेजी गई शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. संगठन ने जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की भी मांग रखी है. मोर्चा ने कहा कि शुल्क या आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी पात्र छात्रा के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए. डिग्री देने और कन्वोकेशन में शामिल होने के मामले में सभी छात्राओं को समान अवसर मिलना चाहिए.
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
संगठन ने राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. मोर्चा का कहना है कि छात्राओं की समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए. साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए विश्वविद्यालय को शुल्क, डिग्री वितरण और कन्वोकेशन से जुड़े सभी नियम पहले से स्पष्ट रूप से जारी करने की मांग की गई है. झारखंड छात्र मोर्चा ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्राओं के हित और अधिकारों का ध्यान रखा जाना जरूरी है. संगठन ने मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की है. मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो छात्राओं के हित में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा.