Jharkhand News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता अख्तर अली ने केंद्र की आर्थिक नीतियों को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ को बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, लेकिन महंगाई, घटती बचत और बढ़ते कर्ज के बीच आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
GDP आंकड़ों पर उठाए सवाल
अख्तर अली ने कहा कि देश की आर्थिक विकास दर के आंकड़े सकारात्मक तस्वीर दिखाते हैं. लेकिन आम परिवारों की आय और खर्च की स्थिति को भी आर्थिक मजबूती का आधार माना जाना चाहिए. उनके मुताबिक, परिवारों की बचत में कमी आई है, जबकि व्यक्तिगत कर्ज का बोझ बढ़ रहा है.
बचत और कर्ज का मुद्दा
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि परिवारों की शुद्ध वित्तीय बचत GDP के करीब 5 प्रतिशत तक पहुंच गई है. उन्होंने इसे करीब पांच दशक के निचले स्तर के आसपास बताया. अख्तर अली का कहना है कि बढ़ती आर्थिक देनदारियों के बीच सरकार को घरेलू बचत और परिवारों की वित्तीय स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए.
MSME सेक्टर पर भी निशाना
अख्तर अली ने छोटे और मध्यम कारोबार यानी MSME सेक्टर को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि MSME क्षेत्र देश में 90 प्रतिशत से अधिक रोजगार उपलब्ध कराता है. साथ ही उन्होंने इस सेक्टर के सामने करीब 30 लाख करोड़ रुपये के कर्ज अंतर का दावा किया. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था का फायदा बड़े कारोबारी समूहों को अधिक मिल रहा है.
Make in India पर सवाल
अख्तर अली ने Make in India अभियान को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल किए. उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी लंबे समय से करीब 16 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है. उनके अनुसार, सरकार ने इसे 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा था. उन्होंने कहा कि बड़े स्तर की योजनाओं के बावजूद रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं हुए हैं.
महंगाई को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रवक्ता ने खाद्य महंगाई का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों का असर गरीब और मध्यम वर्ग के घरेलू बजट पर पड़ रहा है. उनका कहना है कि केवल GDP बढ़ने के आंकड़ों से आम लोगों की आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं होंगी.
सरकार से ठोस कदम की मांग
अख्तर अली ने केंद्र सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों को आर्थिक राहत देने और छोटे कारोबारियों के लिए बेहतर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की अपील की.