Jamshedpur Breaking: जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में सोमवार को राहुल शर्मा नामक युवक पर कथित रूप से हमला किए जाने का मामला सामने आया है. घायल युवक को उसके दोस्तों ने MGM अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
राहुल की मां ने आरोप लगाया है कि करीब 25 से 30 युवक मुंह बांधकर और हेलमेट पहनकर पहुंचे थे. उन्होंने राहुल को घेरकर रॉड, हॉकी और अन्य सामान से बुरी तरह पीटा.
मां का आरोप, गोली भी चली
राहुल की मां के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 7:15 बजे उनका बेटा घर से निकला था. करीब 15 मिनट बाद उन्हें फोन पर राहुल के साथ मारपीट की जानकारी मिली.
मां का आरोप है कि हमलावरों ने राहुल के साथ मारपीट करने के दौरान फायरिंग भी की. उन्होंने बताया कि गोली ऊपर की ओर चली, जिससे राहुल को गोली सीधे नहीं लगी. इसके बाद हमलावरों ने रॉड और हॉकी से उसके शरीर पर कई वार किए.
शरीर के कई हिस्सों में चोट
परिजनों के अनुसार, हमले में राहुल के पैर, हाथ, कमर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं. मां ने बताया कि उसके हाथ और पैर में कई जगह टांके लगे हैं. शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान हैं. परिजनों ने राहुल की हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए TMH रेफर कराने की बात कही है.
पहले भी घर पर पहुंचा था युवकों का समूह
राहुल की मां ने यह भी आरोप लगाया कि करीब तीन महीने पहले भी 25 से 30 युवक उनके घर के पास पहुंचे थे. उनका आरोप है कि उस समय भी कुछ युवकों ने मुंह ढक रखा था और राहुल को लेकर धमकी दी थी. मां के मुताबिक, उस वक्त घर में बेटी की शादी का माहौल था. इसलिए परिवार ने विवाद को आगे नहीं बढ़ाया. उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद संबंधित लोगों के परिवार से भी बात की गई थी.
कुछ युवकों के नाम भी बताए
राहुल की मां ने हमले में शामिल होने का आरोप सिद्धेश सिंह, सोनू गुप्ता, दीपक मिश्रा और चंदन सिंह समेत अन्य युवकों पर लगाया है.
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे.
दोस्तों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद राहुल के दोस्तों को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद वे उसे लेकर MGM अस्पताल पहुंचे. परिजनों को भी फोन कर घटना की जानकारी दी गई. राहुल की हालत को देखते हुए परिवार अब उसके बेहतर इलाज की तैयारी में जुटा है.
फिलहाल पुलिस के सामने हमले की वजह, आरोपियों की पहचान और घटना में फायरिंग की वास्तविक स्थिति की जांच अहम है. पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.