Ranchi: रिम्स के लॉन्ड्री कर्मचारियों की नाराजगी अब काम बंद करने तक पहुंच गई है. पिछले सात महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों ने सोमवार को काम से दूर रहने का निर्णय लिया है. कर्मचारियों के इस फैसले से अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. रिम्स में मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है, इसलिए लॉन्ड्री सेवा का महत्व भी बढ़ जाता है.
चादर और कपड़ों की सफाई का काम प्रभावित होने की आशंका
अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली चादर, कपड़े और दूसरी जरूरी वस्तुओं की सफाई लॉन्ड्री विभाग के जिम्मे है. अगर कर्मचारी काम पर नहीं आते हैं, तो इन सामानों की नियमित सफाई प्रभावित हो सकती है. इसका असर अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है. ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई जा रही है. यहां इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की साफ-सफाई नियमित रूप से होना जरूरी है.
कई बार प्रबंधन को दी गई जानकारी
लॉन्ड्री कर्मचारियों का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने की समस्या को लेकर अस्पताल प्रबंधन को कई बार जानकारी दी गई. इसके बावजूद बकाया राशि के भुगतान को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. कर्मचारियों के मुताबिक, सात महीने से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है. इसी परेशानी के चलते कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से काम से हटने का फैसला लिया है.
मरीजों पर पड़ सकता है सीधा असर
रिम्स में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. अस्पताल में नियमित रूप से ऑपरेशन भी किए जाते हैं. ऐसे में लॉन्ड्री कर्मचारियों के काम बंद करने से सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि वार्ड और ऑपरेशन थिएटर से जुड़ी सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है. अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांग को लेकर रिम्स प्रबंधन क्या कदम उठाता है और लॉन्ड्री सेवा को सामान्य रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है.