Palamu: अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत नौडीहा बाजार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने महुरांव गांव से 443 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है. बरामद गांजे की कीमत 60 लाख रुपये से अधिक बताई गई है. मामले में दो सगे भाइयों जमशेद आलम और अली रजा को गिरफ्तार किया गया है.
गुप्त सूचना पर बनाई गई टीम
पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को एसपी कपिल चौधरी को महुरांव में गांजे की बड़ी खेप पहुंचने और उसके भंडारण की सूचना मिली थी. सूचना के सत्यापन के बाद छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम तैयार की गई. टीम में छतरपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक द्वारिका राम, नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार और थाना पुलिस बल शामिल थे.
ट्रक से उतारा जा रहा था गांजा
पुलिस टीम ने महुरांव चौक के पास छापेमारी की. उस समय आइसर ट्रक (OD14AB 1072) से गांजा उतारकर टेम्पू (BR26PB 2661) में रखा जा रहा था. पुलिस ने मौके से जमशेद आलम और अली रजा को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान ट्रक में डाब यानी नारियल पानी के बीच गांजा छिपाकर रखा मिला. पुलिस के मुताबिक, 16 प्लास्टिक बोरों में 424 छोटे पैकेट थे. इनमें कुल 443 किलो गांजा बरामद हुआ. डीडी किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई. पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल आइसर ट्रक और टेम्पू को भी जब्त कर लिया. इसके अलावा एक ओप्पो और एक नथिंग कंपनी का मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है.
पलामू से ओडिशा तक जुड़े तार
एसपी कपिल चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि शुरुआती जांच में तस्करी के तार पलामू, बिहार के औरंगाबाद और ओडिशा तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है. एसपी ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ "ऑपरेशन प्रहार" लगातार जारी रहेगा. अंतर्राज्यीय सिंडिकेट को खत्म करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.