Ranchi News: खनिज संपदा और राज्यों के अधिकारों से जुड़े एमएमडीआर कानून को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए झारखंड के अधिकारों को सीमित करने और राज्य की प्राकृतिक संपदा पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के विकास और यहां की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी है. पार्टी का आरोप है कि केंद्र की नीतियों का असर राज्य की आर्थिक व्यवस्था और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन को गांवों तक पहुंचाने की घोषणा की है.
सुबोधकांत सहाय ने बताया झारखंड विरोधी कानून
पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एमएमडीआर कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि करीब तीन करोड़ की आबादी वाले राज्य के अधिकारों और हितों की अनदेखी की जा रही है.
सहाय ने कहा कि कांग्रेस इस कानून के खिलाफ अपनी लड़ाई को केवल राज्य या जिला स्तर तक सीमित नहीं रखेगी. आने वाले दिनों में आंदोलन को प्रखंड और पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की खनिज संपदा पर राज्य के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.