JPSC-JSSC Exam Case: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी अब परीक्षा से जुड़े आरोपों के साथ-साथ अभय तिवारी के कथित करीबी और "गुरु" बताए जा रहे मिथिलेश सिंह से जुड़े कारोबारी संपर्कों, कंपनियों और वित्तीय गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। एजेंसी यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इन गतिविधियों का परीक्षा मामलों से कोई संबंध है या नहीं।
कई कंपनियां CID की जांच के दायरे में
जांच के दौरान ICN India Private Limited समेत कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। CID मिथिलेश सिंह के कथित कारोबारी संबंधों और DA Urban Nomads Community Private Limited, Piggy Ventures Private Limited, Hackpackt Homtels Private Limited और DooperSuper Ecosystem Seeds Private Limited जैसी कंपनियों से संभावित जुड़ाव की जांच कर रही है।
एजेंसी कंपनियों के दस्तावेज, उनकी कारोबारी गतिविधियों और संबंधित लोगों के बीच संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
बिहार से दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच
सूत्रों के अनुसार, CID को मिथिलेश सिंह के बिहार में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कारोबार और पटना के बिहटा इलाके में एक B.Ed कॉलेज से कथित संबंधों की जानकारी मिली है। इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में उनके संभावित कारोबारी संपर्कों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ने के बाद CID की अलग-अलग टीमें झारखंड के बाहर भी जानकारी जुटा रही हैं। बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कथित नेटवर्क और संबंधित गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। कुछ स्थानों पर जांच और तलाशी की कार्रवाई की भी सूचना है।
बैंक खाते और पैसों के लेनदेन की जांच
CID अब संबंधित कंपनियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कारोबार से जुड़े लेनदेन और परीक्षा मामलों में सामने आए लोगों के बीच कोई वित्तीय या अन्य प्रकार की कड़ी मौजूद है या नहीं। इसके साथ ही कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों, संपत्तियों और अलग-अलग राज्यों में मौजूद संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के कथित संबंधों की भी पड़ताल
जांच एजेंसी अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के बीच बताए जा रहे संबंधों की भी जांच कर रही है। मिथिलेश सिंह को अभय तिवारी का "गुरु" बताए जाने के दावे की भी उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पड़ताल की जा रही है।
CID यह जानने की कोशिश कर रही है कि JPSC-JSSC परीक्षा मामलों में कथित गड़बड़ी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या नहीं और इस पूरे मामले में मिथिलेश सिंह या उनसे जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही।
जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसी के सामने नए तथ्य और अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, कंपनियों और व्यक्तियों के परीक्षा में कथित गड़बड़ी से संबंध की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।