Ranchi News: झारखंड में स्थायी यानी नियमित DGP की नियुक्ति का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के सामने पहुंचेगा। इस मामले पर अगली सुनवाई 2 सितंबर को निर्धारित की गई है। 18 अगस्त की सुनवाई में अदालत ने झारखंड से जुड़े जरूरी दस्तावेज Amicus Curiae को उपलब्ध कराने और उनकी राय लेने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी दस्तावेजों पर राय
18 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज और पूर्व में जारी न्यायालयी आदेश की प्रति Amicus Curiae को उपलब्ध कराई गई। अब Amicus Curiae की राय के आधार पर मामले में आगे की सुनवाई होगी। अदालत ने अगली तारीख 2 सितंबर तय की है।
कई राज्यों से मांगा गया था जवाब
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के अलावा गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक समेत कुछ राज्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत ने राज्यों से पूछा था कि उसके निर्देशों के मुताबिक नियमित DGP की नियुक्ति के लिए UPSC को प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा गया।
नोटिस के बाद गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों ने अपनी स्थिति अदालत के सामने रखी। इन राज्यों ने नियमित DGP की नियुक्ति के लिए UPSC को भेजे गए प्रस्तावों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई।
झारखंड के मामले में अब Amicus Curiae की राय अहम
UPSC की ओर से भी संबंधित राज्यों के प्रस्तावों को लेकर अदालत में जवाब दाखिल किया गया है। वहीं, झारखंड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों को Amicus Curiae के पास भेजकर उनकी राय मांगी है। अब 2 सितंबर की सुनवाई में यह साफ होने की उम्मीद है कि झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट आगे क्या निर्देश देता है।