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  • 2026-08-25

Ranchi News: झारखंड के सरकारी अस्पताल होंगे डिजिटल, ऑनलाइन दिखेगी डॉक्टरों की ड्यूटी से मरीजों की संख्या तक

Ranchi News: झारखंड में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर अब राजधानी से लेकर जिला स्तर तक डिजिटल तरीके से नजर रखने की तैयारी है। सरकार करीब 99 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम के तहत अस्पतालों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इससे अस्पतालों में इलाज और कर्मचारियों की मौजूदगी की निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी हो सकेगी।


योजना के तहत राज्य के सभी सदर अस्पताल, CHC, सब-डिविजनल अस्पताल, PHC और मेडिकल कॉलेजों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके बाद किसी अस्पताल में कितने मरीज भर्ती हैं, कितने मरीज डिस्चार्ज हुए और कितने नए मरीज पहुंचे, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

डॉक्टर और स्टाफ की मौजूदगी पर भी रहेगी नजर

डिजिटल सिस्टम के जरिए अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की ड्यूटी की भी निगरानी की जा सकेगी। किस अस्पताल में कौन सी सर्जरी चल रही है और मरीजों की स्थिति क्या है, इसकी जानकारी भी अधिकारियों को डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी।

अस्पतालों में CCTV और डिजिटल डैशबोर्ड लगाए जाने की तैयारी है। इससे अस्पताल की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। मरीजों के साथ किसी तरह की परेशानी या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों तक जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।


राज्य और जिलों में बनेंगे कमांड सेंटर

अस्पतालों की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक केंद्रीय कमांड सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस या NHM परिसर में स्थान तय किया जा सकता है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में भी कमांड सेंटर बनाए जाने की योजना है।

ACS अजय कुमार सिंह के अनुसार सिविल सर्जन कार्यालय, मेडिकल कॉलेज और सचिवालय स्तर पर भी कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी। मरीजों के एडमिशन, डिस्चार्ज और जांच रिपोर्ट जैसी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि इस सिस्टम की जानकारी मोबाइल के जरिए भी देखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को अस्पतालों की स्थिति और डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी लेने में आसानी होगी।


30 ALS और 281 BLS एंबुलेंस की तैयारी

सरकार अस्पतालों के साथ एंबुलेंस व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 30 ALS एंबुलेंस के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 281 BLS एंबुलेंस के लिए प्रस्ताव प्रक्रिया में है।

इसके अलावा PHC, CHC और दूर-दराज की पंचायतों तक पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराना है।

खराब एंबुलेंस के भुगतान पर सरकार ने दी सफाई

खराब एंबुलेंस के बावजूद भुगतान किए जाने की शिकायतों पर ACS ने कहा कि एंबुलेंस की गतिविधियों का रिकॉर्ड GPS मूवमेंट के आधार पर तैयार होता है। एक दिन में कम से कम तीन अस्पताल यात्राओं का डिजिटल रिकॉर्ड होने के बाद NHM इसकी जांच करता है और उसके बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

उन्होंने बताया कि एंबुलेंस से जुड़ी शिकायतों को जांच के लिए NHM भेजा गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित मामले में कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम लागू होने के बाद अस्पतालों की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। इससे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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