JPSC Irregularities: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच पूर्व JPSC अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी. ख्यांग्ते फिलहाल जेल में हैं. उनकी गिरफ्तारी 10 अगस्त को CID ने की थी. इसके बाद CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
20 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. CID ने इस मामले में कांड संख्या 16/2026 दर्ज की है. इसी केस की जांच के दौरान एल ख्यांग्ते की भूमिका भी सामने आई.
2 करोड़ रुपये के कथित कमीशन का आरोप
CID का आरोप है कि ख्यांग्ते ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL से कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये कमीशन लिया. जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि परीक्षा के लिए TDPL के चयन में उनकी क्या भूमिका थी. CID के अनुसार, इस एजेंसी के चयन में ख्यांग्ते की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
अभय तिवारी के बयान का भी जिक्र
जांच के दौरान अभय तिवारी के कथित बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. CID के मुताबिक, अभय तिवारी ने पूछताछ में ख्यांग्ते की कथित भूमिका के बारे में जानकारी दी है. जांच एजेंसी इसी बयान और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है.
अब ख्यांग्ते ने अदालत से जमानत मांगी है. उनकी याचिका पर आज CID की विशेष अदालत में सुनवाई होनी है. अदालत जमानत को लेकर क्या फैसला लेती है, इस पर सबकी नजर है.