Current News: नेशनल स्पेस डे के मौके पर ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। अहमदाबाद स्थित स्पेस एप्लीकेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि ISRO ऐसी कई तकनीक और सेवाएं विकसित कर रहा है, जिनका सीधा फायदा आम लोगों को मिल रहा है।
डॉ. नारायणन ने कहा कि स्पेस एप्लीकेशन के जरिए अर्थ ऑब्जर्वेशन, कम्युनिकेशन, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, आपदा की चेतावनी और उससे बचाव जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। इसके अलावा नेविगेशन, रियल टाइम में ट्रेंड्स और मूवमेंट पर नजर रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कामों में भी अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गुजरात के मंत्री अर्जुन मोढवाडिया भी मौजूद रहे।
ऑपरेशन सिंदूर में इनोवेशन की भूमिका का किया जिक्र
ISRO चेयरमैन ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान ISRO ने अपनी जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से निभाई। उन्होंने कहा कि इसमें इनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर उन्होंने स्पेस प्रोग्राम से जुड़े सभी लीडर्स और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन लोगों के नए विचारों और मेहनत से अंतरिक्ष कार्यक्रम के लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
इस साल आठ मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य
डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि देश की उम्मीदों और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस साल आठ लॉन्च-व्हीकल और सैटेलाइट मिशन पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने गगनयान मिशन को भी देश के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया।
उन्होंने कहा कि इंसानों को सुरक्षित तरीके से अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। इसके लिए जरूरी तकनीक और प्रणालियों पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल पहले बिना क्रू वाला मिशन और उसके बाद क्रू वाले मिशन की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।
चंद्रयान-3 की सफलता को बताया ऐतिहासिक
ISRO चेयरमैन ने 23 अगस्त 2023 को भारत के अंतरिक्ष इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताया। इसी दिन चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की थी। उन्होंने कहा कि भारत दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला और एकमात्र देश बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की याद में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।