PM Modi Space Startups: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा अंतरिक्ष उद्यमियों को बड़ा भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को जोखिम लेने से डरना नहीं चाहिए. अगर किसी फैसले में गलती हो जाए, तो भी सरकार उनका साथ नहीं छोड़ेगी. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नीतियों में बार-बार बदलाव नहीं होना चाहिए. शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास पर अंतरिक्ष क्षेत्र के युवा स्टार्टअप लीडर्स के साथ बातचीत हुई थी. इस बातचीत का वीडियो रविवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर जारी किया गया.
पीएम मोदी ने युवाओं को दिया भरोसा, कहा नीतियों में स्थिरता जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन युवाओं ने अंतरिक्ष जैसे मुश्किल क्षेत्र में काम करने का साहस दिखाया है. उन्होंने कहा कि इन स्टार्टअप ने सरकार की नीतियों पर भरोसा किया है. मोदी ने कहा कि सरकार को अपनी नीतियों में स्थिरता रखनी चाहिए. बार बार नीति बदलने से नए कारोबार शुरू करने वालों के लिए परेशानी बढ़ सकती है. सरकार का प्रयास है कि युवाओं को यह भरोसा मिले कि मुश्किल समय में भी उन्हें मदद मिलती रहेगी. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारतीय स्टार्टअप की ऊर्जा और उनके बड़े लक्ष्य की भी तारीफ की.
दुनिया में बढ़ रही भारतीय कंपनियों की पहचान, भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों को विदेशों में मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
बातचीत के दौरान एक युवा उद्यमी ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों को विदेशों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनियों को विदेशों में अपने प्रोडक्ट और तकनीक पहुंचाने में सरकार से भी मदद मिल रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया से मुकाबला करने की मजबूत क्षमता है. भारतीय कंपनियां कम लागत में बेहतर काम कर सकती हैं. देश में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा हैं. भारतीय उद्यमियों में जोखिम लेने की क्षमता भी है. इन खूबियों से भारत अंतरिक्ष के ग्लोबल बाजार में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है.
विदेशों में काम कर रहे भारतीय भी लौटना चाहते हैं भारत
एक अन्य स्टार्टअप लीडर ने बताया कि निजी कंपनियों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खुलने के बाद बड़ा बदलाव आया है. यूरोप और अमेरिका में काम कर रहे कई भारतीय अब भारत लौटने में रुचि दिखा रहे हैं. वे यहां अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया की प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़ना चाहिए. इसके लिए ऐसा माहौल बनाना जरूरी है जहां विदेशी देशों में काम कर रहे भारतीयों को भी भारत में अच्छे अवसर दिखाई दें. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता दुनिया के कुशल लोगों को देश की ओर आकर्षित कर सकती है.
स्टार्टअप से मजबूत होगी भारत की अंतरिक्ष ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप केवल कारोबार के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं. ये कंपनियां दुनिया भर की प्रतिभाओं को भारत से जोड़ने में भी मदद कर सकती हैं. अगर वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और युवा उद्यमियों को अच्छे अवसर मिलते हैं, तो भारत की ताकत और बढ़ेगी. इससे नई तकनीक और नए विचारों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.
निजी कंपनियों की भूमिका तेजी से बढ़ी
भारत में निजी अंतरिक्ष कंपनियों की भूमिका पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है. उपग्रह बनाने से लेकर रॉकेट और नई अंतरिक्ष तकनीक पर निजी कंपनियां काम कर रही हैं. अग्निकुल कॉसमॉस, स्काईरूट एयरोस्पेस और पिक्सल जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन कंपनियों से नई तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिल रहा है. सरकार और निजी कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए नए अवसर बन रहे हैं. प्रधानमंत्री के संदेश से साफ है कि सरकार युवा अंतरिक्ष उद्यमियों को स्थिर नीतियों और लगातार सहयोग के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है.