Jharkhand Mining Revenue: झारखंड में खनन क्षेत्र से सरकार की कमाई तेजी से बढ़ी है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक राज्य को खनिजों से 5,074.14 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा मेजर मिनरल्स का है. मेजर मिनरल्स से 4,648.94 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. यह कुल राजस्व का करीब 91 फीसदी है. वहीं, माइनर मिनरल्स से 425.20 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है.
खनिज उत्पादन भी बढ़ा
इस वित्तीय वर्ष में अब तक झारखंड में कुल 8,58,15,014.48 मीट्रिक टन खनिज का उत्पादन हुआ है. इसमें मेजर मिनरल्स का उत्पादन 6,77,80,244.76 मीट्रिक टन रहा. वहीं, माइनर मिनरल्स का उत्पादन 1,80,34,769.72 मीट्रिक टन दर्ज किया गया. माइनर मिनरल्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से सड़क, भवन और दूसरे निर्माण कार्यों में होता है.
खनिजों की सप्लाई भी बढ़ी
खनिजों की सप्लाई यानी डिस्पैच में भी तेजी आई है. अब तक कुल 11,25,27,133.90 मीट्रिक टन खनिजों का डिस्पैच हुआ है. मेजर मिनरल्स का डिस्पैच 8,91,40,616.72 मीट्रिक टन रहा. माइनर मिनरल्स का डिस्पैच 2,33,86,517.18 मीट्रिक टन दर्ज किया गया. इन आंकड़ों से पता चलता है कि खनिजों की मांग बनी हुई है. उद्योगों और निर्माण कार्यों के लिए खनिजों की खपत भी बढ़ी है.
सरकार को राजस्व से फायदा
खनन से मिलने वाला राजस्व सरकार के लिए बड़ा आर्थिक स्रोत है. 5,074.14 करोड़ रुपये के राजस्व से सरकार को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे. मेजर मिनरल्स से मिली 4,648.94 करोड़ रुपये की कमाई से भारी उद्योग और खनिज क्षेत्र की मजबूत मांग का भी पता चलता है. माइनर मिनरल्स का उत्पादन और डिस्पैच भी काफी अधिक रहा है. इससे ग्रामीण और छोटे शहरों में निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. खनन और उससे जुड़े कामों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.