Bagru News: जयपुर जिले के बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय का जायजा लेने पहुंची नागरिक अधिकार मंच "CJP" की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. स्कूल परिसर में CJP प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और उन्हें वहां से जाने को कहा. इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने संगठन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
जर्जर स्कूल भवन का मुद्दा उठाने पहुंची थी CJP टीम
CJP के मुताबिक, उसके प्रतिनिधि राज्यभर में चल रहे "स्कूल ठीक करो" अभियान के तहत स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे. संगठन का कहना है कि साल 1985 से संचालित इस प्राथमिक स्कूल का भवन काफी जर्जर हो चुका है. छत की पट्टियां खराब हालत में हैं और उन्हें सहारा देने के लिए लोहे के गार्डर लगाए गए हैं. CJP का कहना है कि वह स्कूल की खराब स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी को सामने लाकर सरकार और शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर खींचना चाहता था.
CJP ने लगाया हाथापाई का आरोप
विवाद बढ़ने के बाद CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ धक्का मुक्की और हाथापाई की गई. उन्होंने इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े स्थानीय लोगों के होने का आरोप लगाया. रांका ने कहा कि धमकियों के बावजूद सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का अभियान जारी रहेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में स्थानीय नागरिक कमल प्रधान पर गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप भी लगाए. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है.
स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री पर नई गाइडलाइन से जुड़ा विवाद
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राजस्थान शिक्षा विभाग और CJP के बीच स्कूलों के निरीक्षण को लेकर पहले से तनातनी चल रही है. शिक्षा विभाग ने 16 अगस्त को गाइडलाइन जारी कर बाहरी लोगों के स्कूल परिसर में प्रवेश, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मीडिया लाइव पर रोक लगाई थी. इसके लिए प्रधानाचार्य की लिखित अनुमति जरूरी की गई थी. विभाग ने बच्चों की निजता और सुरक्षा को इसका कारण बताया था. इसके बाद 19 अगस्त को आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए उनके कार्यकाल में विकसित किए गए 10 मॉडल स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की थी. बगरू से पहले अलवर के थानागाजी क्षेत्र में भी CJP के इसी अभियान को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध सामने आ चुका है.