Jamshedpur: जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती नागरिक सुविधाओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र में सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट की दयनीय स्थिति से परेशान होकर जुगसलाई के 16 वार्ड पार्षदों ने एकजुट होकर जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को बार-बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है और धरातल पर कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप, पेयजल संकट और अंधेरे में डूबी सड़कें
उपायुक्त को सौंपे पत्र में पार्षदों ने क्षेत्र की खराब स्तिथि की तस्वीर पेश करते हुए बताया कि जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और डोर-टू-डोर कचरा उठाव का काम सप्ताह में सिर्फ दो-तीन दिन ही हो पा रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में फॉगिंग, एंटी-लार्वा और डीडीटी का छिड़काव पूरी तरह बंद है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं पेयजल आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है; कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और चापाकल मरम्मत न होने तथा स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी रहती है।
सफाई एजेंसी को बर्खास्त करने की मांग
पार्षदों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष तीन मुख्य मांगें रखी हैं. डोर-टू-डोर कचरा उठाव करने वाली वर्तमान एजेंसी को तुरंत बर्खास्त कर यह जिम्मेदारी नगर परिषद स्वयं संभाले, पेयजल आपूर्ति योजना का टेकओवर कर शुद्ध पानी सुनिश्चित करे, तथा बंद पड़ी स्ट्रीट और हाई-मास्ट लाइटों को तुरंत दुरुस्त कराए। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और सामूहिक अनशन करने के लिए बाध्य होंगे।