Indian Woman Detained In USA: अमेरिका में लंबे समय से रह रही भारतीय मूल की महिला वेंकटा वासमसेट्टी को ICE ने हिरासत में लिया है. उन्हें 11 अगस्त को शार्लोट स्थित ICE कार्यालय में नियमित चेक-इन के दौरान पूछताछ के बाद डिटेन किया गया. वेंकटा के पास 2013 से अमेरिकी ग्रीन कार्ड होने की जानकारी सामने आई है. उनकी हिरासत के बाद परिवार और भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है.
स्कूल में करती थीं नौकरी
वेंकटा करीब 27 साल से अमेरिका में रह रही हैं. वह नॉर्थ कैरोलिना के एक सरकारी स्कूल में स्पेशल-नीड्स बच्चों को पढ़ाती थीं. उनकी दो बेटियां और दो पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं. परिवार का कहना है कि उनका घर और नौकरी लंबे समय से अमेरिका में ही है.
माता-पिता की देखभाल के लिए गई थीं भारत
वेंकटा जुलाई 2022 में अपने बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए भारत आई थीं. इसी दौरान उन्हें कोविड हो गया और करीब दो सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ा. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद वह फरवरी 2023 में अमेरिका लौट गईं. अमेरिकी अधिकारियों ने भारत में उनके लंबे समय तक रहने को लेकर सवाल उठाए. अधिकारियों का कहना था कि इससे उनके स्थायी निवास की स्थिति पर सवाल उठता है. वहीं, वेंकटा के वकीलों ने कहा कि भारत जाने की वजह माता-पिता की देखभाल थी. अमेरिका लौटने के बाद वह फिर अपने परिवार और नौकरी के साथ वहीं रहने लगीं.
मई में खत्म हुआ था डिपोर्टेशन केस
वेंकटा के खिलाफ अमेरिका से बाहर भेजने की कार्रवाई भी चल रही थी. 19 मई को इमिग्रेशन जज ने उनका केस खत्म कर दिया था. कोर्ट के मुताबिक, सरकार उन्हें डिपोर्ट करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी थी. इसके बावजूद 11 अगस्त को नियमित ICE चेक-इन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया. फिलहाल उन्हें जॉर्जिया के इरविन काउंटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है.
वकीलों ने हिरासत को कोर्ट में चुनौती दी
वेंकटा के वकीलों ने उनकी मेडिकल स्थिति का भी हवाला दिया है. उनके मुताबिक, वेंकटा को डायबिटीज है और हिरासत के समय उनके पास इंसुलिन और जरूरी मेडिकल सामान नहीं था. वकीलों ने उनकी हिरासत को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी है.
13 अगस्त को जज ने ICE से तीन दिनों के भीतर यह बताने को कहा कि वेंकटा को हिरासत में रखने का कानूनी आधार क्या है. मामला अब ग्रीन कार्ड धारकों की लंबी विदेश यात्रा और अमेरिका में स्थायी निवास की स्थिति को लेकर भी चर्चा में है.