Kapali News: कपाली के कमारगोड़ा में शराब दुकान के पास विवाद के दौरान दुकान मालिक द्वारा पालतू कुत्ते छोड़ने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब दुकान के पास कुछ युवक शराब पी रहे थे। इसी दौरान वहां ट्यूशन पढ़ के लौट रहे रहे बच्चों के साथ विवाद और धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर शराब दुकान मालिक ने दुकान के पास पाले गए कुत्तों को छोड़ दिया, जिससे तीन-चार बच्चों को कुत्तों ने काट लिया।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने नगर पंचायत और प्रशासन के प्रतिनिधियों को मामले की जानकारी देकर शराब दुकान के आसपास की स्थिति पर कार्रवाई की मांग की है।
मेन रोड के किनारे लगातार शराब दुकानें खुलने पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमारगोड़ा और आसपास के इलाके में मुख्य सड़क के किनारे लगातार शराब की दुकानें खुलती जा रही हैं। उनका आरोप है कि शराब दुकानों के बढ़ने से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और इलाके का माहौल खराब हो रहा है।

उन्होंने कहा कि शराब पीने के बाद आए दिन विवाद, गाली-गलौज और महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसी घटनाओं की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों ने सरकार की शराब नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर नशामुक्त झारखंड की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी शराब की दुकानें खोली जा रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित, बैठाकर शराब पिलाने पर रोक की मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि शराब दुकानों के आसपास बैठकर शराब पीने की व्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय लोगों और बच्चों को होती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुकान के पास बैठा कर शराब पिलाने का कोई आधिकारिक लाइसेंस ना होने के बावजूद शराब दूकान संचालकों द्वारा लोगों को बैठा कर शराब पिलाई जाती है जिससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चे भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब पीने के बाद लोग सड़क और आसपास के इलाकों में हंगामा करते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कमारगोड़ा में शराब दुकान के आसपास बैठाकर शराब पिलाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही शराब दुकान को बंद करने या आबादी से दूर स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और नगर पंचायत से कार्रवाई की मांग की

स्थानीय लोगों ने कहा कि वे शराब दुकान के संचालन के खिलाफ हैं, क्योंकि इससे इलाके के सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुत्ते काटने की घटना की जांच कराने, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शराब दुकान के आसपास शराब पीने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में शांति और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए।