Chandil: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50 बेड का नया अनुमंडलीय अस्पताल अब तक आम मरीजों के लिए शुरू नहीं हो सका है. अस्पताल भवन तैयार होने के बावजूद उद्घाटन का इंतजार जारी है, जबकि दूसरी ओर मरीजों को पुराने अस्पताल भवन में सीमित सुविधाओं के बीच इलाज कराना पड़ रहा है.
कई सालों में पूरा हुआ अस्पताल का निर्माण
नए अस्पताल की कहानी करीब डेढ़ दशक पुरानी है. वर्ष 2008 में तत्कालीन विधायक सुधीर महतो ने करीब 6.10 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल का शिलान्यास किया था. वर्ष 2012 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन राशि की कमी के कारण काम अधूरा रह गया. इसके बाद वर्ष 2019 में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा टेंडर हुआ, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी. बाद में ईचागढ़ विधायक सविता महतो के प्रयास से 6 दिसंबर 2023 को 17 करोड़ रुपये की नई राशि से निर्माण कार्य शुरू हुआ. अब भवन पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है.
पुराने अस्पताल में सुविधाओं की कमी
वर्तमान में पुराने अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 50 बेड की व्यवस्था के बावजूद पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं और मुख्य रूप से लेबर रूम में ही बेड की सुविधा है. अस्पताल परिसर में पेयजल, सोलर सिस्टम और हाईमास्ट लाइट जैसी सुविधाओं के खराब रहने की भी शिकायत है. लैब, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की मशीनें मौजूद हैं, लेकिन इनके संचालन का निर्धारित समय स्पष्ट नहीं होने की बात सामने आई है. परिसर में खाली पोलियो वैक्सीन के डिब्बे और खराब कूड़ेदान पड़े होने से भी स्वच्छता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
छह एंबुलेंस की जरूरत
अस्पताल में छह एंबुलेंस की जरूरत बताई गई है, लेकिन फिलहाल सिर्फ एक एंबुलेंस के चालू हालत में होने की जानकारी दी गई है. वहीं 13 डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के मुकाबले सीमित चिकित्सकों से काम चलाने की बात सामने आई है. ऐसे में नए अस्पताल के जल्द शुरू होने की जरूरत और भी बढ़ जाती है, क्योंकि चांडिल अनुमंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फिलहाल सीमित संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
नए अस्पताल में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
गांगुडीह में तैयार नए अनुमंडलीय अस्पताल में 50 बेड के अलावा ऑपरेशन थिएटर, लैब, लेबर रूम, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था भी की गई है. इसके शुरू होने से चांडिल अनुमंडल के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है.
भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया
सरायकेला-खरसावां के सिविल सर्जन के अनुसार, भवन निर्माण विभाग की ओर से नए अस्पताल भवन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है. उद्घाटन के लिए उपायुक्त और स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव को पत्र भेजकर आग्रह किया गया है. अस्पताल का संचालन उद्घाटन के बाद ही शुरू होने की बात कही गई है. स्टाफ की कमी को लेकर सिविल सर्जन ने कहा कि यह समस्या पूरे राज्य में है और उपलब्ध कर्मियों के आधार पर अस्पताल को संचालित किया जाएगा.
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने भी करीब डेढ़ महीने पहले अस्पताल का निरीक्षण किया था. इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर अस्पताल को जल्द शुरू कराने की बात कही थी. स्थानीय समाजसेवी आशुदेव महतो का कहना है कि NH-32 और NH-33 पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने पर रांची या जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है. ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि तैयार हो चुके नए अनुमंडलीय अस्पताल का उद्घाटन जल्द कराया जाए, ताकि क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े.